पुण्य स्मरण

वृद्धाश्रम में पुण्य तिथि: दान, सेवा और संस्कारों की मिसाल

मुहम्मदाबाद।पुण्य तिथि मनाने का वास्तविक उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि पितरों के आदर्शों को आत्मसात कर उनके पुण्य कर्मों को समाजहित में आगे बढ़ाना है। दान, सेवा और करुणा से ही जीवन को सच्ची सार्थकता प्राप्त होती है। उक्त प्रेरणादायक विचार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, जनपद मऊ के अध्यक्ष डॉ. राम गोपाल गुप्त ने व्यक्त किए। वे मुहम्मदाबाद स्थित वृद्धाश्रम में धार्मिक, सामाजिक एवं व्यापारिक सेवाओं में अग्रणी भूमिका निभाने वाले दिनेश बरनवाल के पिता, स्वर्गीय जगन्नाथ बाबू बरनवाल की 55वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर दिनेश बरनवाल ने भावुक स्वर में कहा कि मात्र तीन वर्ष की आयु में पिता का साया सिर से उठ गया, लेकिन उनके संस्कार, आशीर्वाद और आदर्श आज भी जीवन का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता की आत्मा की शांति और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने के साथ-साथ वृद्धजनों का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु पूरा परिवार आज यहां उपस्थित हुआ है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष पारसमणि दीपू सिंह, परिषद के मंत्री अंकित वरनवाल, सोनू बरनवाल एवं आंचल बरनवाल ने कहा कि पुण्य तिथि के पावन अवसर पर आश्रमवासियों का आशीर्वाद प्राप्त करना स्वयं में सौभाग्य की बात है। उन्होंने आश्रम के संचालक लक्षीराम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्रम की उन्नति हेतु तन-मन-धन से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर आश्रम के सभी सम्मानित सदस्यों को शीत से बचाव हेतु परिधान एवं अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की गई। कार्यक्रम में बबलू बरनवाल, मुन्ना बरनवाल, आलोक कुमार, अंशुमाला बरनवाल, वैभव बरनवाल, सोनू बरनवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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