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पर्यावरण को समझने और इसे संतुलित बनाये रखने वाले सभी उपायों पर करना होगा काम: अरशद 

मऊनाथ भंजन। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘द विज़्डम वॉल्ट अकेडमी’ द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और ज़िम्मेदारी की भावना को विकसित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत छात्रा अदविया खान और परी गुप्ता द्वारा मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का स्वागत पौधे के गमले भेंट कर किया गया जो पर्यावरण के प्रति सम्मान और संरक्षण का प्रतीक है।

इसके पश्चात कोचिंग कैंपस में पौधारोपण हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद मऊ के अध्यक्ष अरशद जमाल, विशिष्ट अतिथि गोपीनाथ पी.जी. कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रकेश दुबे और विशेष आमंत्रित अतिथि गोपीनाथ पी.जी. कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर सईदुज़्ज़फर व मरियम पब्लिक स्कूल के मैनेजर ज़फर इकबाल उपस्थित रहे।

इसके बाद संस्थान के सह-संस्थापक व कार्यक्रम समन्वयक मोहम्मद शहज़ाद ने पर्यावरण पर एक प्रेज़ेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण के वैश्विक संकट, माइक्रोप्लास्टिक्स और प्लास्टिक कचरे के ज़मीन, पानी और हवा पर बुरे असर जैसे गंभीर मुद्दों को सरल भाषा में विस्तार से समझाया।

मुख्य अतिथि अरशद जमाल ने अपने संबोधन में उपस्थित छात्रों व अतिथियों को पर्यावरण के महत्व, ऑक्सीजन व पानी जैसे अमूल्य संसाधनों की सुरक्षा और व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना और पानी बचाना सिर्फ एक दिन का काम नहीं बल्कि यह प्राकृतिक तौर पर अनन्त चलने वाली हमारी जीवनशैली का अन्तराल रहित हिस्सा है जिनका अपनी उन्ही प्राकृतिक रूप में बने रहना निातंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जब दुनिया बनी तो जो कुछ भी बनना था वह सब उसी वक्त बन गया। अब रहती दुनिया तक कुछ नया बनने वाला नहीं है। अब न कोई नई चीज पैदा होने वाली है न ही खत्म। सभी वस्तुयें अपने स्तित्व में एक संतुलित परिवर्तन के साथ विशिष्ट प्रकृति का रूप मात्र बदलती रहती हैं। परन्तु उनका स्तित्व बना रहता है।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण को दूषित करने वाले दो प्रकार के कचरे होते हैं। एक कचरा प्राकृतिक तौर पर बनने वाली वस्तुओं से निर्मित होते हैं जो प्राकृतिक तौर पर डिस्पोज भी होते रहते हैं। दूसरी प्रकार के कचरे जो इंसानों के द्वारा निर्मित होते हैं वह डिस्पोज होने योग्य नहीं होने के कारण हमारे पर्यावरण को लगातार नुक्सानप पहुंचते हैं। कुदरत के द्वारा जो वस्तुयें पैदा की जाती हैं वह स्वतः डिस्पोज हो जाती हैं जबकि हमारे द्वारा पैदा की गयी वस्तुयें प्राकृतिक रूप से डिस्पोज नहीं हो पातीं। चूँकि इन्हीं वस्तुओं से हवा, पानी एवं आक्सीजन की स्वच्छता का सम्बन्ध है। इस लिये हमारे द्वारा पैदा की जाने वाली वस्तुओं से उत्पन्न होने वाले कचरों से बचाव एवं डिस्पोजल के लिये हमें उचित तरीके अपनाने पड़ते हैं जिनमें विशेश रूप से भारी मात्रा में पेड़ पौधे लगाना एवं वातावरण को सुरक्षित रखने वाले अन्य बहुत से उपाय शामिल करने होते हैं।
श्री जमाल ने बताया कि जमीन के अन्दर ईश्वर ने पीने के पानी को संरक्षित रखा है जो हजारों वर्षाें तक खराब नहीं होता क्यों कि जे़र-ए-ज़मीन उसका कुदरती तौर पर फिल्ट्रेशन होता रहता है। कुदरत ने समस्त व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने हेतु हमारे लिये प्रभावी प्राकृतिक साइकिल बना रखा है। जबकि जमीन के ऊपर अपने लिये पेय जल की व्यवस्था करने के लिये नाना प्रकार के जतन करने के बावजूद भी हमें उस स्तर का पेयजल प्राप्त नहीं हो पाता।
श्री जमाल ने कहा कि प्रकृति ने वातावरण को संतुलित बनाये खने के लिये जितनी भी व्यवस्था की है वह हमारे लिये हैं। हमें उन सभी को समझना अनिवार्य है। हमें वातावरण को संतुलित बनाये खने वाले सभी कारकों, स्रोतों एवं माध्यमों की गम्भीरता पूूर्वक सुरक्षा करनी होगी। आज हमें यह प्रण लेना चाहिये कि हम पर्यावरण को संतुलित बनाने वाली बारीकियों को समझने और इसे संतुलित बनाने वाले सभी उपायों पर अमल करेंगे तथा पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करने वाले सभी तत्वों एवं ऊर्जा स्रोतों को बचाने एवं बढ़ाने का भी जतन करेंगे।

विशिष्ट अतिथि चंद्रकेश दुबे ने सतत विकास की अवधारणा को स्पष्ट करते हुये कहा कि विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाये बिना समाज की उन्नति संभव नहीं है।
सह-संस्थापक अहमद फराज़ ने कहा कि ‘द विज़्डम वॉल्ट अकेडमी’ का उद्देश्य सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों में ज़िम्मेदारी, सोच और नेतृत्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने पर्यावरण के प्रति हमें अपनी ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाया।

सह-संस्थापक मोहम्मद रेहान ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुये उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

कार्यक्रम में छात्रों ने भी पर्यावरण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये जिनमें आयुषी राय, हरीम फातिमा, बशर हसन और आशिता खंडेलवाल आदि ने शामिल हो कर अपने द्वारा व्यक्त किये गये वक्तब्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं की भूमिकाओं को उजागर किया।

इस अवसर पर द विज़्डम वॉल्ट अकेडमी की छात्रा शबनम फिरदौस को ।डन् में क्लास 11वीं के प्रवेश परीक्षा में चयनित होने पर सम्मानित भी किया गया।

पर्यावरण सुरक्षा पर आधारित यह पूरा कार्यक्रम ज्ञान, जागरूकता और जिम्मेदारी का एक सार्थक संगम था जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों को एक हरित और स्वच्छ भविष्य की ओर छोटे-छोटे कदम उठाने के लिये प्रेरित किया गया।

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