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किशोर-किशोरी स्वास्थ्य को लेकर कार्यशाला का हुआ आयोजन

मऊ। किशोर एवं किशोरियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नंद कुमार के निर्देश पर जिला महिला चिकित्सालय के सभागार में पीएसआई इंडिया के सहयोग से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. चंद्रा सिन्हा ने की उन्होंने कहा कि किशोर और किशोरी हमारे समाज का महत्वपूर्ण अंग है। अगर यही अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर उलझे रहेंगे तो आने वाले भविष्य का निर्माण अपरिपक़्व होगा। इसलिए हमें स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले किशोर किशोरियों के मनोभाव को समझना होगा और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण करना होगा।
उन्होंने अपने सभी स्टाफ को निर्देशित भी किया कि महिला चिकित्सालय में भी अब हर माह की 8 तारीख को किशोर किशोरी दिवस मनाया जाएगा।
जिसमे आने वाले सभी किशोर और किशोरीयो को बेहतर सुविधा प्रदान करने में अपना अहम रोल अदा करे।
अरविन्द कुमार वर्मा – डी०इ०आई०सी० मेनेजर ने कहा कि किशोर स्वास्थ दिवस जो की हर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रो पर प्रत्येक माह की 8 तारिक को मनाया जाता है, इस दौरान उन्होंने किशोर – किशोरियों के स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ योन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, शारीरिक परिवर्तन संबंधी जानकारी, कुपोषण से कैसे निपटा जाए ,एनीमिया, साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड, हिंसा मुक्त जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यशाला की शुरुआत पीएसआई इंडिया के केवल सिंह सिसोदिया ने की और उन्होंने बताया कि किशोर आयु वर्ग 10 से 19 वर्ष के आयु वर्ग को कहा जाता हे जो की हमारी आबादी का पाचवा हिस्सा जो की लगभग 22% है इस आयु वर्ग के लोग बगैर किसी जानकारी व देखभाल के अभाव में अपने जीवन के सबसे संवेदनशील व गंभीर दौर से गुजरते हैं और यह एक ऐसा वर्ग है जिसे हम सभी मिलकर सही दिशा देकर उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति बदल सकते हैं।
किशोरों को इस आयु वर्ग में तेजी से होने वाले शारीरिक व मानसिक विकास के कारण अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और हम सब इस आयु वर्ग को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने तथा उनका सही मार्गदर्शन करना हमारे लिए न केवल चुनौती है अपितु एक महत्वपूर्ण उतरदायित्व भी है ।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि किशोर किशोरियों में तंबाकू और धूम्रपान का सेवन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जो इस वर्ग में कई तरह की समस्याओं को जन्म दे रहा है तो हम सबका फर्ज है की हमारे स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले किशोर किशोरियों को इसके दुष्परिणामों के बारे में जरूर जानकारी दें एवं उन्हें सही मार्गदर्शन देने में अपना अहम रोल अदा करें।

इस कार्यक्रम में सहायक शोध अधिकारी सुनील सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये, इस कार्यशाला में शहरी स्वास्थ मिशन के जिला कॉर्डिनेटर देवेन्द्र प्रताप, बबलू कुमार, यूपीटीएसयू के मु.शरीफ, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई से अन्जू, महिला चिकित्सालय से डॉ मिथलेश कुमार हॉस्पिटल मेनेजर, डा.अश्वनी कुमार, आस्था पाण्डेय, सभी डाक्टर्स, स्टाफ़ नर्स, चीफ फार्मसिस्ट एव ओटी स्टाफ ने भाग लिया।

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