ये हीरे हैं, पर अनगढे, इनको तराशिए : देव कांत पाण्डेय
देवकली देवलास/मऊ। ये हीरे हैं, पर अनगढे, इनको तराशिए, बच्चों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए अपनी कविता की इन पंक्तियों के माध्यम से अभिभावकों की अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए ये पंक्तियां कवि और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, दिल्ली में प्रबंधक (राजभाषा) के पद पर कार्यरत देव कान्त पाण्डेय ने कहीं। वे गुरुकुल विद्या, रामपुर द्वारा रविवार को देवकली देवलास स्थित संत गणिनाथ मंदिर पर आयोजित छात्र सम्मान समारोह के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में नव नालंदा महाविहार एवं सम विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डा. रवींद्रनाथ श्रीवास्तव ‘परिचय दास’ भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रोफेसर डा. रवींद्रनाथ श्रीवास्तव ‘परिचय दास’ ने अपने संबोधन में विभिन्न विभूतियों का उल्लेख करते हुए उनके संघर्ष और सफलता का जिक्र करते हुए उपस्थित बच्चों को प्रेरित प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डा. मनोज कुमार यादव, सीनियर कंसल्टेंट, फातिमा अस्पताल, मऊ एवं डा. आलोक कुमार गुप्ता, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर, फातिमा अस्पताल, मऊ तथा सामाजिक निदान वेलफेयर फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश प्रजापति उपस्थित थे। गुरुकुल विद्या एवं कार्यक्रम के संयोजक अजय प्रजापति ‘गोकुल’ ने बताया कि पिछले दिनों संस्था द्वारा अलग-अलग कक्षा वर्ग के लिए गुरुकुल ज्ञानम सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें देवलास और उसके आस-पास स्थित विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार से भी ज्यादा छात्रों ने भाग लिया था। इसी प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गुरुकुल विद्या मंदिर के पदाधिकारी अजय प्रजापति उर्फ गोकुल, रामप्रवेश यादव, आशुतोष कुमार,
अभिषेक कुमार, राजेश प्रजापति, मुकेश प्रजापति, चंदन मद्धेशिया, कौशल शर्मा, राजू विश्वकर्मा, रामजनम यादव,
आनंद सिंह, देवकली देवलास के ग्राम प्रधान अभिषेक यादव एवं क्षेत्र के अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे।




