फाइलेरिया उन्मूलन अभियान जागरूकता के लिए छात्र -छात्राओं ने निकाली रैली
० रामस्वरूप भारती इंटर कॉलेज के 400 छात्र-छात्राओं ने किया नगर क्षेत्र में भ्रमण
० 10 फरवरी से एमडीए अभियान के तहत दवा खाने की के बारे में दी जानकारी
मऊ। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत समाज में जागरूकता लाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत सोमवार को छात्र-छात्राओं ने फाइलेरिया मुक्त समाज बनाने के लिए जागरूकता रैली निकाली । इस दौरान बैनर, नारे, स्लोगन तथा पत्र के माध्यम से इस रोग से बचाव का संदेश दिया तथा आगामी 10 फरवरी से एमडीए (मास ड्रग एड्मिनीट्रेसन) अभियान के तहत दवा खाने के लिए लोगों को जागरूक किया । रैली को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नरेश अग्रवाल ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि यह रोग संक्रामक मच्छर के काटने से शरीर में पनपता है। फाइलेरिया का वाहक गंदगी में मिलता है। इसके पैरासाइट्स कई साल तक शरीर में सुसुप्ता अवस्था में पड़े रहते हैं। महिला, पुरुष और बच्चो के भीतर लंबे समय बाद इसका संक्रमण फैलने के बाद यह बीमारी लाइलाज हो जाती है। उस समय केवल देखभाल और साफ-सफाई से नियंत्रण किया जा सकता है, इससे पूरी तरह से मुक्त नहीं हुआ जा सकता। इस रोग से बचाव के लिए साल में एक बार अभियान चलाकर दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती व गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को छोड़कर सभी को दवा खिलाई जाती है। वर्ष में एक बार, पांच साल तक यदि सभी फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करें तो इस बीमारी को शरीर में पनपने और बढ़ने से रोका जा सकता है।
वेक्टर बार्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ आर.एन सिंह ने बताया कि यह रोग स्त्री और पुरुष दोनों के शरीर के अंगो जैसे पैर, महिलाओं के स्तन और पुरुषों में हाइड्रोसील हो सकता है। फाइलेरिया के लक्षणों में सूखी त्वचा, त्वचा का सामान्य से ज्यादा मोटा होना, छाले-युक्त त्वचा नज़र आना, त्वचा का रंग सामान्य से अधिक गहरा होना इसके संक्रमण की पहचान को बताता है। संक्रमण से बचाव के लिए एमडीए अभियान में दवा खिलाकर परजीवी को शरीर में पहले ही प्रभावहीन कर दिया जाता है।
जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि पीसीआई संस्था के सोशल मोबलाईजेशन कोआर्डिनेटर के जरिये जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अब तक 85 से अधिक स्कूलों व मदरसों में जाकर 4200 बच्चों को फाइलेरिया उन्मूलन के लिये एमडीए (मास ड्रग एड्मिनीट्रेसन) प्रोग्राम को लेकर जागरुक किया जा चुका है। इसके क्रम में स्थानीय स्कूल राम स्वरुप भारती इंटर कालेज के स्काउट गाइड समेत 400 छात्र-छात्राओं ने रैली के माध्यम से नगर क्षेत्र में भ्रमण कर जागरुकता का संदेश दिया। संदेश भरे नारे, बैनर, स्लोगन, तख्तियाँ, हैंडबिल बाँट कर लोगों को इस फाइलेरिया रोग के बारे में बताया। इसमें शामिल छात्र-छात्राओं ने जन-जन का है एक ही नारा, फाइलेरिया मुक्त हो देश हमारा, फाइलेरिया के बचाव का दवा खाना है, फाइलेरिया भगाना है, हम स्वयं भी दवा खाएंगे अपने अभिभावकों को भी खिलायेंगे आदि नारों से नगर के लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। कक्षा सात की श्रेयसी तिवारी ने बताया कि हम लोगों को आज फाइलेरिया रोग के बारे में स्कूल में जानकारी मिली उसके बाद लोगों को स्कूल की रैली के माध्यम से तख्ती पर स्लोगन से जागरूक किया। 11वीं के छात्र अभिजीत सिंह ने बताया कि हम फाइलेरिया के बारे में नहीं जानते थे, आज स्कूल में रैली निकालने से पहले जिस तरह से बातें बताई गई उसे सुनने के पश्चात, अब हम 10 फरवरी को पहले फाइलेरिया की दवाई खाएंगे और अपने अभिभावकों को भी बताएंगे कि इसकी दवा का सेवन से क्या लाभ होगा इसकी उन्हें जानकारी देंगे।

