माना कि तुम मेरे कभी हो नहीं सकते, पर चाहने वाले को दीदार का हक़ है
‘कुछ तो लोग कहेंगे’
@ बृजेश गिरि…
मुझे भी तुमसे कुछ प्यार का हक़ है,
भले ही तुमको इंकार का हक़ है,
गोया मेरी जिंदगी पर हक़ है तुम्हारा,
बाकी बची सासों पे दोस्त-यार का हक़ है।
तुम यूँ ही तन्हा सफर पे निकल गए,
मेरे नसीब में बस इंतजार का हक़ है।
माना कि तुम मेरे कभी हो नहीं सकते,
पर चाहने वाले को दीदार का हक़ है।

