वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया

प्रयागराज। वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया, वीर शहीद नायक लालमणि यादव व हवलदार कंचन सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया व कारगिल युद्ध विजेता हुए सम्मानित, परिचर्चा बनी कारगिल विजय की कहानी, पूर्व सैनिक युद्ध विजेताओं की बनी जुबानी।

वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति प्रयागराज के तत्वावधान में बड़ी संख्या में उपस्थित पूर्व सैनिक, कारगिल युद्ध विजेताओं तथा वीर नारियों के बीच कारगिल वीर शहीदों को नमन व परिचर्चा कार्यक्रम धूमधाम से काफी अड्डा सिविल लाइंस प्रयागराज में संपन्न हुआ जिसमें कारगिल वीर शहीदों को माल्यार्पण कर नमन किया तथा कारगिल युद्ध विजेताओं को मंच से हुआ सम्मान व उनकी परिचर्चा बनी कारगिल की कहानी ,पूर्व सैनिक युद्ध विजेताओं की बनी जुबानी, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सूबेदार कारगिल युद्ध विजेता ईश्वर चंद्र तिवारी व संचालन पूर्व सूबेदार कारगिल युद्ध विजेता श्याम सुंदर सिंह पटेल ने किया तथा संयोजक पूर्व सूबेदार जी यादव व समिति के लोगों ने किया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सैन्य अधिकारी व माननीय न्यायमूर्ति कैप्टन डी पी एन सिंह मंच पर उपस्थित रहे
कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल वीर शहीद नायक लालमणि यादव व वीर शहीद हवलदार कंचन सिंह के चित्रों पर माल्यार्पण कर नमन करते हुए राष्ट्रगान भारत माता की जय ,वीर शहीद अमर रहे ,कारगिल युद्ध विजेता जिंदाबाद पूर्व सैनिक जिंदाबाद पूर्व सैनिक आए हैं नई रोशनी लाए हैं, पूर्व सैनिक की क्या पहचान सेवा साहस और सम्मान, वंदे मातरम भारत माता की जय का नारा लगाते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तत्पश्चात डॉ रश्मि शुक्ला ने सभी का स्वागत गीत गाकर स्वागत किया व एक देशभक्ति गीत ए मेरे वतन के लोगों …….गाकर समां बांधा व लोगों से ढेर सारी तालियां बटोरी ,जूनियर वारंट ऑफीसर श्री राम शिवहरे ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत किया जिसमें वीर शहीदों के चरणों में आओ हम सब शीश झुकाते हैं………इसी तरह कारगिल् युद्ध विजेताओं ने भी अपनी स्मृतियां साझा किया जो कारगिल युद्ध की कहानी, पूर्व सैनिक युद्ध विजेताओं की बनी जुबानी ,हो गई इस अवसर पर 21 कारगिल युद्ध विजेताओं को मंच से सम्मानित किया गया वे अपने संस्मरण भी ताजा किए, जिसमें कारगिल युद्ध विजेता श्याम सुंदर सिंह पटेल ने कहा कि यह युद्ध ऑपरेशन विजय के नाम पर समुद्र तल से 12000 से 18000 हाइट फीट की ऊंचाई पर कारगिल के हिमालय की पहाड़ियों में बहुत विषम परिस्थितियों में लड़ा गया युद्ध है जो 3 मई 1999 से 26 जुलाई 1999 तक चला और पाकिस्तान को परास्त कर विजय दिवस मनाया जो विश्व में इतनी ऊंचाई पर पहाड़ियों पर लड़ा गया पहला युद्ध है जो विश्व प्रसिद्ध है इसीलिए कारगिल विजय दिवस को विशेष रूप से याद किया जाता है इसी प्रकार अन्य वक्ताओं ने भी उक्त से मिली जुली बातें करते हुए आप बीती सुनाया जिससे लोग रोमांचित हो उठे वीर सेनानी जिंदाबाद के नारे लगाए इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति कैप्टन डी पी एन सिंह ने सभी को विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए व वीर शहीदों को शत-शत नमन कहते हुए कहा कि आप सभी के संस्मरण से अपने को संबद्ध करते हुए कहना चाहता हूं कि हमारे देश की सेना बहुत बहादुर है जो हर परिस्थितियों का सामना कर विजय हासिल करने की उनमें महारत है कारगिल युद्ध उसी शौर्य, साहस एवं बहादुरी से लड़ा गया जिसका पूरा विश्व लोहा मानता है अब इनके गौरव गरिमा को बरकरार रखने की जिम्मेदारी शासन ,प्रशासन एवं समाज के लोगों की है जिन्हें ध्यान देना चाहिए आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर देश की आजादी रक्षा ,सुरक्षा ,शांति चैन अमन इन्हीं वीर शहीदों व बहादुर जवानों की वजह से कायम है उन्हें हम बारंबार नमन करते हैं भारत मां के ऐसे वीर सपूतो की सदा विजय हो व वीर शहीद अमर रहें यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी
इस अवसर पर उपस्थित लोगों में माननीय न्यायमूर्ति कैप्टन बीपीएन सिंह ,श्याम सुंदर सिंह पटेल, आई सी तिवारी ,पी एन ओझा, जी यादव श्रीराम शिवहरे, सत्यपाल श्रीवास्तव लल्लन मिश्रा ,प्रमोद कुमार, बीएन सिंह ,एमडी गुप्ता एसपी सिंह ,एसपी तिवारी ,डॉ रश्मि शुक्ला, रानुआ देवी शिवा त्रिपाठी ,शैफाली ,रानी कुमारी, लीला कुमारी ,बच्चा लाल प्रजापति, भारत सिंह ,हीरालाल ,संतलाल नौशाद सिद्दीकी, डीआर सिंह, पुरुषोत्तम पांडे ,अभिषेक चौहान, मोहम्मद आजम खान ,बी के आनंद, सी यल सिंह ,सूरज हिमांशु पाठक, अनुराग शुक्ला आदि कई लोग शामिल रहे अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन ईश्वर चंद तिवारी ने अपने विचार रखते हुए किया व समापन स्वल्पाहार जलपान काफी के साथ सौहार्द पूर्ण वातावरण में कारगिल विजय दिवस धूमधाम से संपन्न हुआ



