मां-पिता के विवाह वर्षगांठ की स्मृति में, टीबी मरीजों को लिया गोद

बलिया। मन में मजबूत इरादें हों और किसी कार्य को करने के लिए अपनों की पुण्य स्मृति हो, और जुदा राह कुछ अलग कार्य करने की आदत हो तो फिर न कोई आपका रास्ता रोक सकता और ना ही आपको बढ़ने से कोई टोक सकता। बस आपको चलते जाना है और जो सोचा है उसे करते जाना है। बागी बलिया की धरती पर एक से बढ़कर एक राजनीति के पुरोधा जन्म लिए हैं। उनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनके सहारे कुछ देश में अलग ख्याति भी पाएं हैं। और राजनीति के इन्हीं सूरमाओं में भले ही आज वह हमारे बीच नहीं हैं लेकिन समाज में उनके किए गए कार्य, निभाई गई जिम्मेदारी आज भी जनमानस के पटल पर जिंदा है। बागी बलिया के पूर्व ब्लाक प्रमुख व बलिया में राजनीति के प्रमुख स्तंभ रहे स्वर्गीय अखण्डा नन्द सिंह को कौन नहीं जानता। उन्हीं के दिखाए रास्ते पर बेटी, बेटा वो पूरा परिवार सतत् चलने का प्रयास करता है। इसी कड़ी में स्व. अखण्डा नन्द सिंह व उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती सरोजनी सिंह के शादी की वर्षगांठ के अवसर पर अक्सा एजुकेशनल एन्ड सोशल वेलफेयर सोसायटी रतसर कला के सभी सदस्यों तृप्ति सिंह उपाध्यक्ष, दीप्ती सिंह सचिव और मुक्ता नन्द सिंह अध्यक्ष, स्मृति सिंह संरक्षक ने रतसर कला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी टीबी के मरीजों को गोद लेकर अपने परिजनों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
रतसर कला की निवर्तमान ग्राम प्रधान ई. स्मृति सिंह ने इस सामाजिक सरोकार के बारे में बताते हुए कहा कि AKSA संस्था का नाम मेरे माता पिता के ही नाम पर है। मुझे खुशी है कि मुझे ये मौका अपने माता पिता के शादी के वर्षगांठ के पुनीत पुण्य स्मृति में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार टीबी के मरीजों को गोद लेकर खुश है। कहा कि टीबी के मरीजों को सभी को गोद लेना चाहिए। इसके पहले स्मृति सिंह ने इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय को गोद लिया था वहां का पूरा कायाकल्प से लेकर प्रत्येक कार्य उन्होनें स्वयं से किया है। ऐसे ही सरकारी उपक्रम को गोद लेने की आवश्यकता है। सभी को ऐसी ही पहल करनी चाहिए ताकि व्यवस्थाए और बेहतर हो सके।

