हृदयांगन संस्था मुंबई के पदाधिकारियों ने पूर्वांचल के कई जिलों व लखनऊ का किया दौरा

हृदयांगन साहित्यिक संस्था की पूर्वांचल यात्रा जौनपुर, भदोही, वाराणसी, अयोध्याधाम होते हुये वाया लखनऊ कानपुर वापस।।यह यात्रा दिनांक 17 मई 2022 से 21 मई 2022 तक रही। कई विशिष्ट गणमान्य लोगो से मुलाकाते हुयी ।।सुप्रसिद्ध मंदिरो के दर्शन हुये। पतित पावनी गंगा जी की आरती तथा स्नान और सरयु नदी मे स्नान हुये।। कुल मिलाकर अध्यक्ष विधु भूषण विद्यावाचस्पति सहित शारदा प्रसाद दुबे, शरतचंद्र उपाध्यक्ष, उमेश चंद्र मिश्र, प्रभाकर महासचिव पूर्वांचल यात्रा में तथा विनयदीप राष्ट्रीय मीडिया सचिव जौनपुर मे 17 मई 2022 को आयोजित कवि सम्मेलन सम्मेलन मे साथ रहे। कोशिश संस्था ने इस अवसर पर हृदयांगन के इन सभी पदाधिकारीगणो का सम्मान किया। यद्यपि इस कार्यक्रम मे हृदयांगन संस्था के अध्यक्ष रास्ते मे कार बिगड़ जाने के कारण कविसम्मेलन में नही शामिल हो सके। इस यात्रा के दौरान सोमेन्द्र त्रिपाठी वरिष्ठ शिक्षक हरद्वारी, सुश्री अपर्णा त्रिपाठी, सुश्री यामिनी त्रिपाठी को हृदयांगन रत्न सम्मान पत्र और स्वर्ण पदक और राजेन्द्र कुमार दुबे सेवानिवृत्त प्रिसिंपल ( मुंबई) को उनके निवास स्थान रामचंद्रपुर में डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान तथा हृदयांगन रत्न सम्मान के गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसी क्रम मे भदोही जनपद में पंडित रमाकांत मिश्र ग्राम मानिकपट्टी को मानस मर्मज्ञ सम्मान तथा हृदयांगन रत्न स्वर्ण पदक सम्मान से सम्मानित किया गया। तत्पश्चात अयोध्याधाम की यात्रा में बाबा केशवदास जो सरल सहज व्यक्तित्व के धनी आध्यात्मिक जगत के समर्पित साधक है उन्हे संस्था के पदाधिकारीगणो ने शाल, श्रीफल मुद्राये, और हृदयांगन रत्न सम्मान का स्वर्ण पदक प्रदान करते हुये उन्हे संस्था की आजीवन सदस्यता प्रदान की तथा मां तुझे प्रणाम (लेखक विधुभूषण) अंतर्मन के स्वर (लेखिका डा0 विद्युत प्रभा मंजू ) दिव्य ज्ञान लेखक डा0 अरूण प्रकाश मिश्र अनुरागी) तथा उम्मीद की एक किरण – साझा संकलन जिसमे हृदयांगन परिवार के 21 कवियों की चुनिंदा कवितायें संकलित है, श्रद्धेय बाबा केशवदास को भेट कर हृदयांगन परिवार धन्य हुआ।। पूर्वांचल के इन जनपदों की यात्रायें एवं भेटवार्तायें बेहद आरामदायक, सार्थक एवं उपयोगी रही।।
हृदयांगन साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पंजीकृत संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विधुभूषण ने कहा कि संस्था इसी तरह भारत के अन्य प्रदेशो मे जाकर सुयोग्य विद्तजनो का सम्मान करती रहेगी।






