प्रमुख प्रतिनिधि ने ब्लाक के कम्प्यूटर व सहायक विकास अधिकारी के कक्ष में बंद किया ताला

० मुख्य विकास अधिकारी के हस्तक्षेप से खुला ताला, किसी को फटकार तो किसी को दी नसीहत
रतनपुरा/मऊ। स्थानीय खंड विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों की मनमानी से आजुज प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर ने अपने समर्थकों के साथ सोमवार को 3:00 बजे अपराहन कार्यालय के कंप्यूटर कक्ष एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत के कक्ष में ताला बंद कर दिया। यह खबर जैसे ही बाहर आई ब्लॉक कार्यालय पर वास्तविकता जानने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी खंड विकास अधिकारी रतनपुरा दिवाकर सिंह ने इस तालाबंदी के प्रकरण की सूचना मुख्य विकास अधिकारी परियोजना निदेशक थानाध्यक्ष हलधपुर एवं चौकी प्रभारी रतनपुरा को दी सूचना पाते ही ब्लॉक परिसर में चौकी प्रभारी रतनपुरा थानाध्यक्ष हलधपुर परियोजना निदेशक मऊ मुख्य विकास अधिकारी मऊ ब्लॉक परिसर में पहुंचे और वार्ता का दौर शुरू हुआ प्रमुख भी तालाबंदी के बाद मऊ जा रहे थे। मुख्य विकास अधिकारी से मिलने लेकिन वह पहसा तक पहुंचे थे तब तक मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता के बाद प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर भी ब्लॉक कार्यालय लौट आए। प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर का कहना था क्षेत्र पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। जून 2021 में क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक हुई आज तक बैठक में प्रतिभाग करने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्यों का मानदेय बार-बार अनुरोध के बावजूद भी उनके खाते में नहीं भेजा गया। ब्लाक के कर्मचारी ही ब्लॉक की गोपनीयता भंग करते हैं। विकास कार्यों में अनावश्यक अवरोध पैदा करते हैं और दलालों का जमघट दिनभर रहता है और सम्मानजनक तरीके से वार्ता भी नहीं करते। सारे प्रकरण को सुनने के पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी से इन आरोपों के बारे में पूछा तो खंड विकास अधिकारी ने कहा की पहली बैठक कब हुई थी उस समय में खंड विकास अधिकारी के रूप में तैनात नहीं था। मैं काफी समय बाद यहां आया फिर भी भुगतान करने के लिए मैंने कई बार कहा है इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने लेखाकार को बुलाने को कहा परंतु लेखाकार छुट्टी पर था और मुख्य विकास अधिकारी को बताया गया कि लेखा कार्य का कार्य मनरेगा लेखाकार धनंजय शुक्ला के द्वारा कराया जाता है। मुख्य विकास अधिकारी ने धनंजय शुक्ला को तलब किया स्पष्टीकरण पूछा परंतु संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने धनंजय शुक्ला को कड़ी फटकार लगाई तथा तुरंत ही उन्हें ब्लॉक कार्यालय से हटाने के निर्देश दिए। तत्पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर और खंड विकास अधिकारी दिवाकर सिंह के मध्य वार्ता कराई और सारी समस्याओं के समाधान का रास्ता निकाला उन्होंने खंड विकास अधिकारी को भी कर्मचारियों पर नकेल कसने की नसीहत दी तो वहीं प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर को भी इस प्रकार का कदम ना उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा मेरा दरवाजा आपके लिए सदैव खुला है इस प्रकार का कार्य नहीं होना चाहिए फिलहाल सौहार्दपूर्ण वातावरण में समस्याओं के समाधान का रास्ता निकाला गया और प्रमुख द्वारा बंद तालों को मुख्य विकास अधिकारी के कहने पर प्रमुख प्रतिनिधि ने तालों को खुलवाया इस प्रकरण को लेकर संपूर्ण क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज रहा और हकीकत जानने के लिए ब्लॉक कार्यालय के इर्द-गिर्द भारी भीड़ उपस्थित रही। खंड विकास अधिकारी कार्यालय रतनपुरा जो अंग्रेजी शासन काल से ब्लॉक कार्यालय के रूप में कार्यरत थे के इतिहास में पहली घटना है जब प्रमुख प्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ जाकर ब्लॉक के कुछ कक्ष में ताला बंद किया गया फिर घटना संपूर्ण क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है|

