IMA मऊ ने PM को भेजा ज्ञापन, डॉ अर्चना को आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को सजा की मांग

मऊ। समाज के नासमझ लोगों के बिना मतलब का विरोध के चलते तथा राजस्थान पुलिस की घोर लापरवाही व अक्षम्य गलती की कारण अपने साथी की मौत से आहत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मऊ के चिकित्सकों ने शुक्रवार को अध्यक्ष डॉ. गंगासागर सिंह व सचिव डॉ. सत्यानंद राय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट में पंहुच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अरूण कुमार को सौंपा।
आईएमए मऊ के चिकित्सकों ने कहा कि राजस्थान के दौसा जनपद में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या के बाद हत्या का मामला 302 आईपीसी के तहत अवैध रूप से दर्ज करने के बाद देश का सिर शर्म से झुक गया है। जिस देश ने पिछले दो वर्षों में कोरोना महामारी के दौरान अपने निस्वार्थ बलिदान और सेवाओं के लिए देश भर के डॉक्टरों को सम्मानित किया, वह आज स्थानीय पुलिस अधिकारियों को “हत्या के इरादे से” हत्या का मामला दर्ज करते हुए देखकर हैरान और शर्मिंदा है।
चिकित्सकों ने कहा कि डॉ. अर्चना शर्मा स्त्री रोग विशेषज्ञ ही नहीं बल्कि स्वर्ण पदक विजेता थी। वे गांधीनगर मेडिकल कॉलेज की पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, वर्षों से दौसा, राजस्थान की ग्रामीण आबादी की सेवा कर रही थी। चिकित्सकों ने कहा कि संदर्भाधीन मामले में, रोगी की मृत्यु पीपीएच (पोस्ट-पार्टम-हेमरेज) से हुई, जो ऐसे मामलों में एक ज्ञात गंभीर जटिलता है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले (जैकब मैथ्यू बनाम पंजाब राज्य और अन्य) के घोर उल्लंघन में और एसएमसी या एमसीआई या जिला से विशेषज्ञ राय प्राप्त किए बिना धारा 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया। स्वास्थ्य अधिकारी गंभीर जांच की मांग करते हैं।
चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील किया कि एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में, चिकित्सा पेशा देश भर में पुलिस अधिकारियों और जनता द्वारा “आपराधिक लापरवाही और उत्पीड़न” के इन कृत्यों को रोकने के लिए आपके तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह करता है। यदि डॉक्टरों को वैधानिक रूप से हिंसा से सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती है, तो वह दिन दूर नहीं जब लोग दवा को पेशे के रूप में लेने से कतराएंगे और परिणामस्वरूप डॉक्टरों की कमी देश में आएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि संसद द्वारा डॉक्टरों और चिकित्सा सुविधाओं के खिलाफ हिंसा की रोकथाम के लिए एक सख्त केंद्रीय कानून तत्काल पारित करने का प्रयास करें। साथ ही डॉ. अर्चना शर्मा की इस ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाए और मामले को आगे की जांच के लिए सीबीआई को हस्तांतरित किया जाए। प्रतिनिधि मंडल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग किया कि दौसा की चिकित्सक डा. अर्चना शर्मा मामले में ईमानदारी से जांच कराकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाए ताकि राजस्थान सरकार पर लगे इस बद्दनुमा दाग से मुक्ति मिल सके। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गंगासागर सिंह ने बताया डॉ अर्चना शर्मा के साथ हुए घटना के विरोध में कल पूरे मऊ जनपद का आईएमए मऊ में अपना अस्पताल बंद रखेगा।
प्रतिनिधिमंडल में आईएमए सचिव डा. सत्यानंद राय, डॉ. एन के सिंह, डॉ. जयनाथ सिंह, डॉ. जेड आई उस्मानी, डा. एससी तिवारी, डॉ. मंगला सिंह, डॉ. एचएन सिंह, डा. आरएम मिश्रा, डॉ कुसुम वर्मा, डॉ. संजय सिंह, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. सत्यानंद राय, डॉ. एके रंजन, डॉ. रामपुकार सिंह, डॉ. आशीष वर्मा, डॉ. आकांक्षा गुप्ता, डॉ. सी एस साहनी मौजूद रहे। इस दौरान नर्सिंग होम एसोसिएशन में भी आई एम ए के साथ अपना समर्थन दिया।


