जिंदगी की न टूटे लड़ी… लता दीदी के निधन से शोक में डूबा देश…आज होगा अंतिम संस्कार

@ विजय कुमार गुप्ता…
लखनऊ-सुर-साम्राज्ञी लता मंगेशकर का निधन हो गया है। निधन की खबर मिलते ही देश शोकाकुल हो गया। लता के निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। ‘भारत रत्न’ से सम्मानित लता मंगेशकर ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 92 वर्ष की थीं।
जनवरी में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद लता मंगेशकर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में हालत बिगड़ने के बाद उन्हें ICU में रखा गया था। लेकिन 5 फरवरी को उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और उन्हें फिर से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। आज वो जादुई आवाज़ हमेशा के लिए ख़ामोश हो गई
लता मंगेशकर के गाए सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक है ‘ऐ मेरे वतन के लोगो…’।
पहले लता ने कवि प्रदीप के लिखे इस गीत को गाने से इनकार कर दिया था,
वह प्रेक्टिस के लिए वक्त नहीं निकाल पा रही थीं। कवि प्रदीप ने किसी तरह उन्हें इसे गाने के लिए मना लिया। इस गीत की पहली प्रस्तुति दिल्ली में 1963 में गणतंत्र दिवस समारोह पर हुई।
दुनियाभर में मशहूर लता मंगेशकर ने करीब पांच दशक तक हिंदी सिनेमा में फीमेल प्लेबैक सिंगिंग में एकछत्र राज किया।
मंगेशकर ने 1942 में महज 13 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी।
उन्होंने 36 भाषाओं में 30 हजार से अधिक गाने गाए। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा जा चुका है।
इसके अलावा उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।


