फातिमा जोहरा के शहादत दिवस पर सिया बंधुओं ने जुलूस निकाला

@रूपेन्द्र भारती घोसी से…
घोसी/ मऊ। नगर पंचायत घोसी नगर के बड़ागांव स्थित मदरसा हुसैनिया से अज़ा ए फतेमिया पर फातिमा जोहरा के शहादत दिवस पर मुस्लिम बंधुओं ने जुलूस निकाला गया। जो जाफ़री मस्जिद, नीमतले और बीबी के अजखाने से होता हुआ देर शाम सदर इमामबारगाह पर दफन हुआ।
इस अवसर पे तक़रीर करते हुए मौलाना मोज़ाहिर हुसैन ने मोहम्मद साहब की एक हदीस बयान करते हुए कहा कि मोहम्मद साहब ने कहा कि फ़ातेमा मेरा हिस्सा है, जिस ने फातमा को तकलीफ दी गोया उस ने मुझे तकलीफ दी। मौलाना ने कहा कि जिस की ताज़ीम में पूरा आलमे इस्लाम खड़ा होता था वो रोसूल बीबी के आने पे खड़े हो जाते थे। लेकिन बादे रसूल उसी बीबी के दरवाज़े पे आग और लकड़िया लेके चले आये और उस दरवाजे पे आग लगा दी जिस घर पे रसूल ए खुदा आकर सलाम किया करते थे। जलता हुआ दरवाज़ा बीबी के ऊपर गिराया गया जिस से उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की शहादत हो गयी। दरवाज़े की कील बीबी के पेट मे चुभ गयी बीबी की पसलियां टूट गयी बीबी ज़्यादा दिनों तक जीवित नही रही और बीबी की शहादत हो गयी।
इसी दर्दनाक वाक़ये की याद में हर साल की तरह इस साल भी जुलूस निकाला गया जिस में गांव की अंजुमनों ने नौहा मातम किया।
‘या ज़हरा या ज़हरा या ज़हरा’ जुलूस का संचालन मौलाना शफ़क़त तक़ी ने किया। सुरक्षा की दृष्टि से उप जिलाधिकारी घोसी, क्षेत्राधिकारी घोसी, प्रभारी निरीक्षक घोसी मय हमराही, कस्बा इंचार्ज मय हमराही एव भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे।

