मऊ में 12 साल पुराने दोहरे हत्या के मामले में तीन को फांसी

मऊ । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज की अदालत में सोमवार को दोहरे हत्याकांड के मामले में नामजद चार आरोपियों में पिता, पुत्र सहित तीन को दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। एक आरोपी की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमा की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र के भिखारीपुर गांव का है। अभियोजन के अनुसार भिखारीपुर गांव निवासी तुलसी गुप्ता पुत्र रामसनेही की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि बकरे द्वारा फसल को नुकसान करने और जमीन विवाद को लेकर 17 मार्च 2009 की रात्रि में उसके पिता रामसनेही गुप्ता की उस समय हत्या कर दी गई जब वह ट्यूबेल पर भोजन करने के बाद सोने जा रहे थे। इस दौरान पब्बर मौर्य पुत्र सभा मौर्य की भी आरोपियों ने हत्या कर दी। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर भिखारीपुर गांव निवासी और अकलू चौहान पुत्र किशोर चौहान, जयचंद पुत्र अकलू चौहान, बेफू चौहान पुत्र रामरूप चौहान और रामसरन चौहान पुत्र रामरूप चौहान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने सात गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। वही कोर्ट साक्षी के रूप में एक गवाह को पेश किया गया। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण अकलू चौहान, जयचंद चौहान और रामसरन चौहान को हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद मामला विरलो से विरलतम श्रेणी मे पाते हुए तीनों को मृत्युदंड की सजा सुनाया। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया है। अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत धनराशि मृतकों के वारिसानो को देने का आदेश दिया। आरोपी बेफू चौहान की दौरान विचारण मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमा की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।

