बच्चों के विकास में विटामिन-ए की भूमिका अहम, 284165 बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक

मऊ। जनपद के 28 अगस्त तक चलने वाले बाल स्वास्थ्य पोषण माह के दौरान 2.84 लाख बच्चों को विटामिन पिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी के तहत जनपद के सभी 225 बूथों पर प्रति सप्ताह के दो दिनों में बुद्धवार और शनिवार को 9 माह से 5 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलायी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि विटामिन-ए एक ऐसा जरूरी विटामिन है जो शरीर खुद नहीं बना सकता है, इसलिए आहार में विटामिन-ए युक्त चीजों को शामिल करना जरूरी है। ये माइक्रोन्यूट्रिएंट बच्चों के विकास में मदद करता है। इससे दांत, हड्डियां और नरम ऊतकों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। आंखों को ठीक तरह से कार्य करने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी हैं जो इम्यून सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखते हैं। दिल, फेफड़ों, किडनी और अन्य अंगों के कार्य में विटामिन-ए मददगार है। हर बच्चे को विशेष मात्रा में विटामिन-ए की आवश्यकता होती है।
डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि संतुलित आहार की कमी या लीवर से जुड़े विकारों के कारण विटामिन-ए की कमी हो सकती है। शरीर में विटामिन कम होने पर हल्की थकान, रूखी त्वचा, रैशेज, रूखे बाल, बाल झड़ने, बार-बार इंफेक्शन होना,एनीमिया का अधिक खतरा, धीमा विकास होना, गले और छाती में इंफेक्शन, घाव न भरने जैसे संकेत मिलते हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि जिले के दूर दराज गावों, मलिन बस्तियों के भाव ग्रस्त बच्चों में विटामिन-ए की कमी को पूरा करने के लिये, प्रदेश सरकार के निर्देश पर बाल स्वास्थ्य पोषण माह 28 जुलाई से लेकर आगामी 28 अगस्त तक चलेगा। इसमें नौ माह से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को प्रत्येक सप्ताह में निर्धारित दो दिनों बुधवार तथा शनिवार को जिले के 225 बूथों पर इस एक अभियान के दौरान लगभग 2,84,165 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाये जाने का लक्ष्य है।
डिस्ट्रिक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर डीसीपीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि लक्ष्य के लगभग 70% तक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा चुकी है। आने वाले दिनों में लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा, लोगों में इस अभियान को लेकर काफी जागरूकता है जो स्वयं ही बूथ तक बच्चों को लेकर पहुँच रहे हैं।

