बस्ती

( डॉ गुलाब चंद पटेल )
सीमित रखिये अपनी बस्ती
नहीं तो डूब जाएगी आपकी कसती
जब से विश्व में बस्ती बढ़ा है
महामारी या आपत्ति आ ही पड़ा है
हम दो हमारे दो का था स्लोगन
कहीं खो गया है मिलों दूर स्लोगन
बस्ती बढ़ा है मुसीबत खड़ा है
शिक्षा, आवास अन्न का प्रश्न खड़ा है
बच्चे भगवान की भेट जरूर है
बस्ती बढ़ने से मुसीबत का बढ़ा गरूर है
जिस देश में बस्ती बढ़ा है
विकास का प्रश्न वहा आ ही प़डा है
परिवार में फॅमिली प्लानिंग खड़ा है
बेटा या बेटी सभी बहुत आगे बढ़ा है
गुलाब चंद कहे तुम बस्ती घटाओ
देश विकास मे अपना सहयोग बढ़ाओ
डॉ गुलाब चंद पटेल
कवि लेखक अनुवादक
नशा मुक्ति अभियान प्रणेता
ब्रेसट कैंसर अवेर्नेस प्रोग्राम आयोजक
इंडियन लायंस गांधीनगर
पूर्व ऑफिस ऑफिस सुपरिटेंडेंट जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ऑफिस अहमदाबाद
Mo 8849794377
