रचनाकार

कोरोना योद्धाओं को मैं कोटि-कोटि करू प्रणाम

( पूरण मल बोहरा )

कोरोना योद्धाओं को मैं कोटि कोटि करू प्रणाम।
जान की परवाह किए बिना कोरोना में किया काम।।

सारी दुनियां पर अचानक आई एक समस्या भारी।
जिसका नाम कहलाया कोरोनावायरस बीमारी।।
थर थर कांप रही उससे सारी दुनियां सुण के नाम।
कोरोना योद्धाओं को मैं कोटि कोटि करु प्रणाम।।1

उपाय सारे जग में फैल हुए कैसे करें इससे बचाव।
एक दूजे के स्पर्श से डरें घृणा का उमड़ा रहा भाव।।
सेवा भाव की इंसानियत बची चिकित्सक ही राम।
कोरोना योद्धाओं को मैं कोटि कोटि करू प्रणाम।।2

पुलिस व चिकित्सक ने तन मन से की देश सेवा।
भारत मां के सच्चे सपूत पा रहे हैं सेवा से मेवा।।
अदम्य उनके साहस से कोरोना हो रहा अब जाम।
कोरोना योद्धाओं को मैं कोटि कोटि करू प्रणाम।।3

रात देखी ना दिन बस एक ही जज़्बा उनके हाथ।
संकट की घड़ियों में देश से हम नहीं करेंगे घात।।
यही प्रण लेकर सबके साथ हो गए वो वीर आम।
कोरोना योद्धाओं को मैं कोटि कोटि करू प्रणाम।।4

रचयिता
पूरण मल बोहरा
सवाई माधोपुर राजस्थान


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