अखिल भारतीय किसान सभा ने केन्द्र सरकार की जन विरोधी नितियों के खिलाफ SDM को ज्ञापन सौंपा
घोसी/ मऊ। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्र व्यापी आह्वान के तहत केन्द्र सरकार की जन विरोधी किसान विरोधी कानूनों बढ़ती बेरोजगारी तथा नागरिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारो पर बढाते हमलो के खिलाफ किसान सभा की घोसी ईकाई ने नगर के मधुबन मोड़ से जूलूस की निकाल कर तहसील मुख्यालय पंहुच कर महामहिम राष्ट्रपति के नाम सम्बोधन बारह सुत्रीय माँग पत्र उपजिलाधिकारी घोसी को सौपा। लोगों ने बारह सुत्रीय माँग पत्र मे निम्न माँग है किसान व मजदूर विरोधी कानून रद्द करो, बिजली के दामों को कम करो, बुनकरों के फिक्स चार्ज बहाल करो, डीजल के दाम आधा करो ,एम.एस.पी को कानूनी दर्जा दो,मनरेगा मे मजदूरो को एक साल मे दो सौ दिन काम और छः सौ रुपये दैनिक मजदूरी तथा न्यूनतम मजदूरी 21000हजार रुपये करने एवं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी महिला/पुरुषों ,किसानो को दस हजार रुपये माँसिक पेन्शन दिये जाने माँग शामिल हैं।
इस अवसर पर किसान नेता शेख हिसामुद्दीन ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने मानसून सत्र मे लाकडाउउन का दुरुपयोग करते हुए तीन काले कानून पारित करते हुए किसानो और मजदूरो के साथ अन्याय किया है विधेयक को पारित करने के लिए राज्य सभा सांसदो को विभाजन की माँग के अधिकार से भी बंचित कर दिया और ध्वनि मत से पास कराया गया जो नियम विरुद्ध है। किसान सभा के जिला मंत्री गुफरान अहमद ने कहा कि यह सरकार साम्प्रदायिक भावनाएँ भड़का कर जनता को मूल समस्याओं से भड़काने का काम करती है। भ्रष्टाचार महंगाई कानून व्यवस्था से ध्यान हटाना चाहती है। मुख्य रुप से का.जनार्दन यादव,अनीश अहमद ,शकील पण्डेय ,जमील अहमद, भेखराज प्रजापती,उदय नारायण राय, एकराम प्रधान ,राम बदन पटेल,पी.एन.सिंह आदि सैकडों लोग उपस्थित रहे।

