प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का 43,961 महिलाओं को मिला लाभ, मण्डल में जिला अव्वल
◆ पहली बार गर्भवती होने पर पौष्टिक आहार व स्वास्थ्य देखभाल के लिए तीन किस्तों में दिये जाते हैं 5000 रुपये
◆ पीएमएमवीवाई हेल्प लाइन नम्बर- 7998799804 पर मिल सकती है मदद
मऊ, 01 दिसंबर 2020। कोरोना काल में कमजोर वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधे तौर पर असर पड़ा है। ऐसे में पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जिसकी शुरुआत जनवरी 2017 में की गई थी, वह अब वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली गर्भवती के खाते में तीन किस्तों में 5,000 रुपये दिए जाते हैं । इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती और गर्भस्थ शिशु को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराना और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल है, ताकि मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सके । स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 21 नवम्बर 2020 तक 44,974 लाभार्थियों के सापेक्ष 43,961 पात्र लाभार्थियों के खाते में 17.39 करोड़ रुपये भेजा जा चुका है। इसके चलते मऊ जिला आजमगढ़ मण्डल में पहले स्थान पर बना हुआ है ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहली बार गर्भवती हुई महिला को 5,000 रुपये सीधे बैंक के खाते में दिये जा रहे हैं। कोरोना काल में लोगों की आय पर असर पड़ा है और अन्य प्रांतों से मजदूरों ने घर वापसी की है। उन्होने बताया कि इस योजना का शत प्रतिशत लाभ पात्र गर्भवती को दिलाने के लिए सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रायः निर्देशित किया गया है कि कोई भी पात्र लाभार्थी इस योजना से वंचित न रहे। गर्भवती व धात्री महिलाओं के सही खान-पान व पोषण की स्थिति में सुधार लाना इस योजना का उद्देश्य है। कोरोना काल में प्रवासी, कमजोर वर्ग सहित स्थानीय गर्भवती के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना वरदान साबित हुई है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक (पीएमएमवीवाई) विवेक कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2017 में इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया था। तब से अब तक मऊ जिले में 43,961 (95.66%) लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। आज़मगढ़ में लक्ष्य 94067 के सापेक्ष 73392 (78.02%) और बलिया में लक्ष्य 66051 के सापेक्ष 60416 (91.47%) लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का पूरा प्रयास रहता है कि इस योजना का लाभ शहर से लेकर दूर दराज के गाँवों के कोने – कोने में पात्र लाभार्थियों को मिले। प्रत्येक माह लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत लाभ दिलाने में पूरा विभाग लगा है। पीएमएमवीवाई का 7998799804 हेल्प लाइन नम्बर भी जारी किया गया। कोई भी लाभार्थी सीधे उक्त हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते है।
तीन किस्तों में मिलते हैं 5,000 रुपये
जिला कार्यक्रम समन्वय ने बताया कि योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए 5,000 रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1,000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं।
सावधानियाँ
फोन पर यदि कोई ब्यक्ति किसी तरह का खाता का डिटेल या ओटीपी मांगे तो कोई भी लाभार्थी कदापि न दें। क्योकि पीएमएमवीवाई योजना से जुड़े कोई भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा फोन पर खाता या ओटीपी सम्बन्धी कोई जानकारी नही मांगी जाती है।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ
सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत प्रभारी चिकित्साधिकारी की निगरानी में गांव व वार्ड की आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, एएनएम, बीसीपीएम/बीपीएम के माध्यम से फार्म भरा जाता है। लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य रूप से मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड, आधार कार्ड और खाता की पासबुक की फोटो कॉपी फार्म भरते समय जमा करना होता है।


