सारी व आईएलआई के तहत चिन्हित निगेटिव रिपोर्ट वालों की होगी टीबी की जाँच
मऊ। प्रदेश के सभी जिलो में सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस (एस.ए.आर.आई.) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आई.एल.आई) के रोगी जो कोविड-19 जॉच में निगेटिव पाए गए हैं, उनकी क्षय रोग (टी.बी.) की जाँच कराई जायेगी। इस संबंध में राज्य स्तर से प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अकिधकारियों को पत्र भेजा गया है। जिसमें जिक्र है कि जनपद के जिला सर्विलेंस अधिकारी (आईडीएसपी) से कोविड-19 निगेटिव एसएआरआई (सारी) और आईएलआई की सूची प्राप्त कर उनकी टीबी की जाँच कराना सुनिश्चित किया जाए।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बताया कि कोविड-19 और क्षय रोग के कई लक्षण सामान होते हैं। खाँसी एवं बुखार से पीड़ित कई लोग संभावित क्षय रोगी भी हो सकते हैं जिनकी जनपद व ब्लाक स्तर पर टीबी की जाँच कराना आवश्यक है। शासन के निर्देश के क्रम में सारी के निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त कर उनकी सीबी-नॉट जॉच करायी जाय। जरूरत पड़ने पर चेस्ट एक्सरे व अन्य जॉच भी कराई जा सकती है। इसके अलावा आईएलआई के जिन मरीजो की रिपोर्ट निगेटिव आई है उनके घर संबंधित टीबी यूनिट के कर्मचारियो द्वारा भ्रमण कर वर्तमान में क्षय रोग के लक्षण बुखार, खाँसी, वजन कम होना, रात्रि में पसीना आना, कांटेक्ट हिस्ट्री पाए जाने की दशा में उनके बलगम की सीबीनॉट जॉच व उन्य आवश्यक जाँचें कराई जाए। जॉच के उपरान्त जिनमें भी क्षय रोग की पुष्टि होती है, उनका विवरण निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत कर उन्हें अतिशीघ्र इलाज शुरू कर दिया जाए। उक्त कार्य के लिए सभी कर्मचारियों को निर्देश दे दिया गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जिले में 1529 टीबी के मरीजों का इलाज चल रहा है। अप्रैल 2018 से आरम्भ निक्षय पोषण योजना 500 रु सभी टीबी के मरीजों के बैंक खाते में पोषण के लिये दिया जाता है। अबतक 4111 टीबी के मरीजों के खाते में 1.68 करोड़ भेजा जा चुका है।

