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डा. भीम राव अम्बेडकर की जयंती राष्ट्रीय समरसता दिवस के रूप में मनाया गया

मऊ। भारत रत्न बाबा साहेब डा0 भीम राव अम्बेडकर भारतीय संविधान के निर्माताओं में सें प्रमुख रहे है, वे एक जाने माने राजनेता और प्रख्यात न्यायविद् रहे है। भारतीय समाज से अस्पृष्यता, जातिगत भेदभाव, पुरूष महिला भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने में डॉ0 अम्बेडकर की प्रमुख भूमिका रही है पूरे जीवन काल में वे दलितों और सामाजिक रूप से पिछडे वर्गो के अधिकारों के लिए लडाई लडते रहे उक्त उद्गार नेहरू युवा केन्द्र मऊ के तत्वावधान में जूम ऐप के माध्यम से वीडियो वेबीनार में डॉ0 भीमराव अम्बेडकर के 129वी जयन्ती समारोह को सबोधित करते हुए एसीटी ओम प्रकाश मिश्र ने व्यक्त किया । ज्ञातव्य हो कि भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार इस दिवस को ’’ राष्ट्रीय समरसता दिवस’’ के रूप में मनाया गया । वीडियो वेबीनार के माध्यम से कार्यक्रम के दौरान मुहम्मदाबाद गोहना की राश्ट्रीय युवा स्वयंसेवक षालू राय ने बाबा साहेब के जीवनवृत , कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाष डालते हुए उन्हे नमन किया और उनके आदर्षो पर चलते हुए उनके षेश सपनों को पूरा करने के लिए युवा वर्ग को आगे आने का आवाहन किया । इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंस वेबीनार में इंद्रमणि यादव, दिव्या तिवारी, राम राम निवास यादव, हंसराज चौहान, अर्जुन, संजीव कुमार,चंदन कुमार आदि ने अपना विचार व्यक्त किया । इस अवसर पर लोकगीत गायक हरि प्रसाद मुरारी ने लोकगीत ’’रतिया मो देखली सपनवा , बाबा भीम अइले अंगनवा’’ के माध्यम से डॉ0 अम्बेडकर के कृतित्व पर प्रकाष डाला । नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा समन्यक कपिल देव राम ने राश्ट्रीय समरसता दिवस पर प्रकाष डालते हुए कहा कि ’’ डॉ0 अम्बेडकर का विचार षिक्षित बनो , संगठित रहो और अपने अधिकारों के लिए संघर्श करो का नारा आज भी भारत विकास के लिए आदर्ष वाक्य के रूप में प्रासंगिक है।
अंत में कोरोना वायरस के समूल निस्तारण के लिए सामाजिक दूरी बनाए रखनें का युवा क्लबों से अनुरोध किया और सामाजिक सद्भाव व समता मूलक समाज की संकल्पना को साकार करने का संकल्प लिया गया जिससे डॉ0 अम्बेडकर के सपनों का ऐसे समाज का निर्माण हो जो सामाजिक समरसता से परिपूर्ण हो सके । नेहरू युवा केन्द्र के इतिहास में पहला अवसर रहा है जब सादगीपूर्ण वातावरण में सूचना तकनीक का आश्रय लेकर हम भारत के लोग की परिकल्पना करने वाले संविधान निर्माता को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

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