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क से ज्ञ तक के वर्णमाला का फाइन आर्ट सेंटर के कलाकारों द्वारा कलात्मक प्रस्तुति

आजमगढ़ के 33 कलाकारों द्वारा बनाई पेंटिंग्स दो दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी के ‘मुख्य-पृष्ठ’ का आयोजन नगर के हल्दीराम,बैंक्वेट हॉल में किया गया। इसका उद्घाटन आजमगढ़ के जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक भाषा का विकास वहाँ के सांस्कृतिक परिवेश के अनुरूप होता है। अतः निज भाषा का प्रयोग व्यक्ति के व्यक्तित्व के सर्वागींण विकास के लिए आवश्यक है। और जब व्यक्ति का पूर्ण विकास होगा तो राष्ट्र का विकास अपने आप हो जाएगा। प्रदर्शनी में हिंदी वर्णमाला के क,ख, ग से क्ष, त्र, ज्ञ तक हर वर्ण से हिंदी साहित्य की प्रमुख पुस्तकों के मुख्य पृष्ठ बनाए गए हैं जैसे क से कर्मभूमि और ज्ञ से ज्ञानगंगा। इसके साथ ही मांडला व् अम्ब्रेला पेंटिंग भी प्रदर्शित की गयी है। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र ने कहा कि विश्व के प्रमुख शक्तिशाली और उन्नत देशों के विकास में उनके निज भाषा का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। फ्रांस, जर्मनी, जापान, इजराइल,रूस, अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया आदि देशों के विकास में वहां की अपनी भाषा का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। चीन जो विश्व में एक तेजी से उभरता हुआ शक्तिशाली देश है और जिससे अमेरिका भी भयग्रस्त रहता है की अपनी निजी भाषा है जिसे मंदारिन कहते हैं। अगर भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनना है तो उसकी निज भाषा एक अनिवार्य शर्त है।14 सितम्बर को मुख्य अतिथि डॉ अर्चना मेसी, अनामिका सिंह व् अनीता द्विवेदी ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए। डॉ लीना मिश्रा ने सभी आगन्तुकों का आभार प्रकट किया।

क से ज्ञ तक का अभिनव प्रयोग निम्न कलाकारों ने किया…

1.क से कर्मयोग (अंकिता)
2.ख से खोजना होगा अमृत कलश (इशिका)
3.ग से गुनाहों का देवता (तान्या)
4.घ से घरौंदा (अरीबा)
5.च से चाणक्य (श्रद्धा)
6. छ से छोटे छोटे सवाल (पूर्णिमा)
7.ज से ज्योतिपुंज (ज्योतिपुंज)
8.झ से झाँसी की रानी (संचिता)
9.ट से .टॉलस्टाय की कहानियां (सुरभि)
10.ठ से ठेले पर हिमालय (पूजा)
11ड से डार्क हॉर्स (नेहा)
12.ढ से ढाई घर (प्रियंका)
13. त से तलाश (सौम्या)
14.थ से थाली भर चाँद (अक्षता)
15.द से दर्शन दिग्दर्शन (वंशिका)
16.ध से ध्रुवस्वामिनी (प्रिया)
17.न से नमक स्वादनुसार (दिशंजलि)
18.प से परिंदों का बसेरा (मानवी)
19.फ से फिर भी जिंदगी खूबसूरत है (सहजप्रीत)
20.ब से बाल गीत साहित्य (सुहानी)
21.भ से .भारत का संविधान (श्वेता)
22.म से मैला आँचल (अर्पिता)
23.य से युगंधरा (शिवम्)
24.र से रंगमंच (ऋषिका)
25.ल से लज्जा (तस्लीमा नसरीन)
26.व् से वोल्गा से गंगा (स्मृति)
27.श से शिवगामी कथा (वार्तिका)
28.ष से षडयंत्र (अविकार)
29.स से सेवा सदन (सुरभि)
30 ह से हिंदी साहित्य का इतिहास (उसमा)
31.क्ष से क्षितिज (साक्षी)
32.त्र से त्रिशंकु (दीपिका)
33.ज्ञ से ज्ञान गंगा (स्वाति)

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