अपना जिला

वर्षों से भोले शंकर की भूमिका निभा रहे त्रिलोकी मेहरोत्रा का निधन

मऊ। नगर में वर्षों से शिवरात्रि में भोले-भंडारी की भूमिका निभाने वाले औरंगाबाद निवासी त्रिलोकी मल्होत्रा नहीं रहे। 75 वर्षीय मल्होत्रा मृदुभाषी व मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। मंगलवार की शाम को किसी अज्ञात वाहन से धक्का लग जाने के कारण उन्हें इलाज हेतु शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, किन्तु वे बच नहीं सके। मूलरूप से छेदापूरा (औरंगाबाद) के निवासी त्रिलोकी की धार्मिक भावना एवं उनकी सामाजिक सोच के हिंदू ही नहीं मुस्लिम भी मुरीद थे। वे कई दशकों से शिवरात्रि पर निकलने वाले जुलूस में भोलेनाथ का अभिनय करते आ रहे हैं। भगवान शंकर के रूप में उनको देखने के लिए लोग शहर के मुख्य मार्ग पर घण्टों इन्तजार करते शिवरात्रि में करते रहे हैं। अब सबकी जुबां पर बस यही एक बात आ रही है कि त्रिलोक चाचा नहीं रहे तो कौन बनेगा शंकर।

उनके निधन से रामलीला कमेटी सहित भाजपा से जुड़े लोगों में शोक छाया हुआ हैं।  उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का ताता लगा हुआ है सुबह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अलक्षेंद्र विक्रम सिंह उर्फ मदन सिंह, नंदलाल साहनी, रवि मल्होत्रा, गोविंद गुप्ता, सोनू दुबे, सतीश वर्मा, सोनू वर्मा, शत्रुघन गुप्ता, लक्ष्मण प्रसाद, आनंद कुमार सिंह, घनश्याम गुप्ता, उमेश चंद्र गुप्ता, ओमकार गुप्ता, आदि लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त किया। उनका पार्थिव शरीर उनके निज आवास पर लोगों के दर्शनार्थ रख इलाज कराने हेतु दिल्ली गये बेटे का इन्तजार किया जा रहा है। सामान्य परिवार के त्रिलोक महरोत्रा का जीवन मऊ नगर के अवाम के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *