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108 एम्बुलेंस सेवा हुई और अधिक आधुनिक, “एप” से जुड़े 102 एम्बुलेंस

मऊ। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में शुक्रवार को 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा हेतु प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दोनों एम्बुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों और ड्राइवरों को एक नए एप से प्रशिक्षित करके जोड़ा गया। इस दौरान बताया गया कि यदि आपातकालीन समय में 102 एम्बुलेंस सेवा व्यस्त है तो ऐसी स्थिति में ड्राइवर द्वारा अंगूठे के एकमात्र इशारे से ही दूसरे नजदीकी 108 एंबुलेंस को फॉरवर्ड कर दिया जाएगा, जिससे पूरी टीम जल्द से जल्द मरीज तक पहुंचने में कामयाब हो सके।

सीएमओ मऊ डॉ० सतीश चंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि 102 और 108 एंबुलेंस सेवा को एक साथ एक एप के माध्यम से जोड़ा गया है जिसका प्रशिक्षण सभी कर्मचारियों समेत ड्राइवरों को दिया गया। यह एक सेंट्रलाइज व्यवस्था के तहत कार्य करेगा और कम समय में एम्बुलेंस के व्यस्त होने के कारण दूसरी एम्बुलेंस को तुरंत सूचित कर दिया जाएगा।

सीएमओ ने कहा कि अक्सर शिकायत होती है कि  108 एंबुलेंस सूचना के बाद भी काफी देर से पहुंची, इस ऐप के माध्यम से इस शिकायत को काफी हद तक कम कर लेने में सहायता मिलेगी और साथ ही साथ आपातकालीन समय मरीज को जल्द से जल्द चिकित्सा एवं स्वास्थ्य का लाभ मिल सकेगा। उन्होने बताया किवर्ष 2008 में शुरू हुई 108 सेवाएं राज्य के सभी हिस्सों में आपातकालीन देखभाल प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण दल है। यह सेवा ख़ुशियों की सवारी के तहत अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं के परिवहन के महत्वपूर्ण कार्य को भी पूरा करती है।

इस दौरान बताया गया कि एम्बुलेंस सेवा में एक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) और एक ड्राइवर तैनात है। यह 2 शिफ्ट में कार्य करते हैं जिसके लिए इनको 45दिनों की मेडिकल इमरजेंसी की ट्रेनिंग दी जाती है। एम्बुलेंस में मौजूद इक्विपमेंट, दवाइयों और अन्य जरूरी जानकारी दी जाती है, ताकि रास्ते में मरीज को उपचार दिया जा सके।

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