सियासत: ओमप्रकाश राजभर उतार सकते हैं भाजपा के खिलाफ 25 लोकसभा प्रत्याशी
■ घोसी से कमल के सिंबल पर लड़ाना चाहती थी भाजपा, जो मंजूर नहीं : राजभर
(आनन्द कुमार)
तुम रूठी रहो मैं मनाता रहूं कि इन अदाओं पर और प्यार आता रहे, प्रेम मुहब्बत की बानगी पर लिखा गया यह गीत भले ही प्रेम के रूप में फिट बैठे लेकिन यह गीत वर्तमान के भाजपा व सुभासपा के राजनीतिक प्रेम में जरा भी फिट नहीं बैठ रही। सुभासपा बार-बार रूठ जा रही है और भाजपा उसे बार-बार मनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लगता है कि यह रूठने और मनाने का दौर खत्म नहीं होने वाला है। ऐसे में 2019 के चुनावी संग्राम सभी दल अपने अपने हिसाब से अपनी राजनैतिक पारी को खेलने की कोशिश कर रहे हैं ऐसे में भाजपा व सुभासपा के प्रेम बिगड़ते से दिखाई दे रहे हैं।
तभी तो एक बार फिर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री यूपी में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख सहयोगी दल के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी उनकी पार्टी के अस्तित्व को खत्म करना चाहती हैं जिससे वह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें एक सीट देते हुए अपने सिंबल पर घोसी लोकसभा से चुनाव लड़ाना चाहती थी लेकिन वह भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा कि वे एक सीट पर समझौते को तैयार थे लेकिन अपने पार्टी के सिंबल पर। कहा कि गठबंधन धर्म के नाते वे भाजपा से सिर्फ एक सीट मांगे थे लेकिन भाजपा ने एक सीट भी नहीं दिया। श्री राजभर ने कहा कि वे छठवें और सातवें चरण के मतदान के लिए अपनी पार्टी के लगभग 25 प्रत्याशियों की सूची शीघ्र ही जारी करेंगे। भाजपा के साथ गलबहियाँ करके गठबंधन धर्म निभा रहे ओमप्रकाश राजभर समय-समय पर भाजपा के प्रति अपने दर्द को बयां करते रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर आखिरकार आज कुछ भी निर्णय ले सकते हैं ऐसे में 25 लोकसभा सीटों पर उनका प्रत्याशी उतारने का दावा भाजपा के लिए गले की हड्डी साबित हो सकती है। पहले से ही समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व लोक दल के गठबंधन से यूपी में भाजपा का खासा नुकसान हो रहा है। ऐसे में ओमप्रकाश राजभर पार्टी के कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक के बाद क्या निर्णय होगा इसका इन्तजार करना होगा।

