कड़ी सुरक्षा व्यवस्था व श्रद्धा के साथ निकाला ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस
◆ हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच के स्टाल से मेलार्थियों को पिलाई गयी शर्बत
◆परम्परागत लोक नृत्य की भी मिली झलक
◆ आकर्षक झांकियों व हैरत अंगेज खेलों ने मोहा मन
बिल्थरारोड/ बलिया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी नगर में निकलने वाला ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस पूरी श्रद्धा व उल्लास के साथ मंगलवार की दोपहर परंपरागत ढंग से निकाला गया। उक्त जुलूस को देखने के लिए हजारों की संख्या में नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के हजारों नर- नारी कड़ी धूप के बावजूद डंटे रहे। इसमें शामिल आकर्षक झांकियों ने जहां लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं विभिन्न अखाड़ों के खिलाड़ियों के हैरतअंगेज कारनामों को देखकर लोग दांतो तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। शोभायात्रा में शामिल ऊंट, हाथी व घोड़े अलग ही समा बांध रहे थे।
इसमें शामिल युवाओं की फ़ौज जहां डीजे की धुन पर थिरक रही थी तो वहीं बजरंग बली की झांकी के साथ जयकारे लगा रहे श्रद्धालु वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। श्री मानस मंदिर महावीरी झंडा एवं दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में मानस मंदिर रेलवे चौराहा से शोभा जुलूस अपराहन 1:30 बजे से प्रारंभ हुआ। इसमें सबसे आगे गगनचुंबी पताका लिए लोग चल रहे थे। उनके पीछे घोड़े, हाथी व ऊंट कतारबद्ध होकर चल रहे थे। मानस मंदिर से प्रारंभ होकर जुलूस पूर्व दिशा की तरफ रवाना हुआ वहीं दूसरी तरफ श्री श्री सार्वजनिक महावीरी झंडोत्सव पूजा यूनाइटेड क्लब का जुलूस प्रांगण से निकलकर रेलवे चौराहा की तरफ आगे बढ़ा । रेलवे चौराहा पर पहुंच कर शोभा यात्रा मानस मंदिर के शोभायात्रा के साथ जुड़ गई।
तत्पश्चात शोभायात्रा संयुक्त रुप से नगर का चक्रमण करते हुए चौधरी चरण सिंह तिराहे की तरफ बढ़ चला। शोभायात्रा में शामिल श्री कृष्ण राधा की नाट्य मंडली , कैलाश पर्वत पर शिव पार्वती, राम दरबार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की झांकियां व ब्रह्मोस मिसाइल की झांकी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। जुलूस में शामिल युवा जहां मस्ती के आलम में डीजे की धुन पर थिरकने में मदमस्त थे वहीं दूसरी तरफ दूर दराज से आए नर नारी बजरंगबली की आकर्षक झांकी के पीछे चलते हुए गगनभेदी जयकारे लगा रहे थे। उनके जयकारों से समूचा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से लवरेज हो उठा था । जुलूस के दौरान कभी चिलचिलाती धूप तो कभी बादल की छांव भी श्रद्धालुओं की आस्था डिगा पाने में असमर्थ थी। श्रद्धालुओं की जितनी भीड़ सड़कों पर नजर आ रही थी उससे कहीं अधिक घरों की छतों पर खड़े होकर शोभा यात्रा का आनंद लेते हुए दिखाई दे रही थी । शोभा यात्रा सोनाडीह बाईपास पहुंच कर बस स्टेशन होते हुए कृषि मंडी जा पहुंची। तत्पश्चात वह नगर पंचायत कार्यालय से होकर मोहन मार्केट होते हुए अपने पूर्व स्थान पर पहुंचकर संपन्न हो गई। इस अवसर पर यूनाइटेड क्लब के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद मधु और मानस मंदिर के अध्यक्ष भोला जायसवाल के अलावा प्रशांत कुमार मंटू, सुनील कुमार टिंकू, पवन मित्तल, डॉ हरि प्रकाश गुप्ता, विनोद कुमार पप्पू, भाजपा नेता देवेंद्र गुप्ता, पंकज मोदी, मंटू मल्ल, सुशील वर्मा, बलराम जायसवाल, सरदार महेंद्र सिंह, टनटन, बैजनाथ प्रसाद साहू, अमित जायसवाल, शिवकुमार जायसवाल, अंगद मोदनवाल, दीनानाथ वर्मा, जितेंद्र प्रजापति, हरिश्चंद्र, राजकुमार, अनूप कुमार, सतीश वर्मा, भोलू जायसवाल, बजरंगी सोनी, नीरज तिवारी, सोनू मोदनवाल, बजरंगी मद्धेशिया, अजय जायसवाल, गुड्डू, मनीष जायसवाल, अमरचंद गुप्ता , रतन जायसवाल, पुनीत गुप्ता, सुधीर मौर्य, पिक्की वर्मा, विपिन मिश्रा, संतोष बड़े, मल्लू जायसवाल, चुन्नू गुप्ता, मनोज गुप्ता, मुन्ना, कृष्णाजी व राजू जायसवाल आदि मौजूद रहे।
माननीयों की भी रही उपस्थिति…
जुलूस में सांसद द्वय रवीन्द्र कुशवाहा व सकलदीप राजभर, विधायक धन्नजय कन्नौज्जिया, पूर्व सांसद गोरख जायसवाल, पूर्व विधायक गोरख पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता, देवरिया क्षेत के बसपा नेता विनोद जायसवाल व मुरली मनोहर जायसवाल, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आद्याशंकर यादव, पूर्व चेयरमैन डाक्टर हरि प्रकाश गुप्ता ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
जुलूस के दौरान थम गई थी नगर की सांसें…
नगर में निकाले जाने वाले ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस को अपनी नजरों में कैद करने के लिए नगरवासी सारे कार्य छोड़कर पूरे मनोयोग से लग गए थे। सुबह से ही आसपास के क्षेत्र व गांवों के लोगों का भी नगर में पहुंचना शुरू हो गया। जैसे-जैसे समय बीता नगर की सड़कों और गलियों में तिल रखने की जगह भी नहीं रह गई । जुलूस को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। नगर में जुलूस मार्ग में पड़ने वाले घरों की छतों पर महिलाएं व युवतियां ठसाठस भरे हुए नजर आ रहे थे। जुलूस के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे नगर की सांस ही थम गई हो। इसे देखने के लिए लोगों ने अपने सभी कार्यो को भी ठप कर रखा था। नगर में चारों तरफ सिर्फ डीजे, बैंड-बाजे एवं जयकारों की ही ध्वनि गूंज रही थी। हाथी, घोड़े व ऊंट के अलावा खिलौने की दुकानें छोटे-छोटे बच्चों के आकर्षण का केंद्र बने हुई थी तथा वे उन पर सवारी करने को लेकर मचलते हुए नजर आ रहे थे।
चप्पे चप्पे पर रही प्रशासन की पैनी नजर…
शोभा जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस काफी सतर्क दिखी। नगर में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 10 थानों के 100 से अधिक एसआई, 35 हेड कांस्टेबल, 100 से अधिक कांस्टेबल के साथ ही 10 महिला आरक्षी एस ओ समेत दो प्लाटून पीएससी, एकज फायर बिग्रेड, चार यातायात पुलिस तथा दो क्यूआरटी टीम को लगाया गया था। एसडीएम राधे श्याम पाठक, सीओ रसड़ा के पी सिंह व थानाध्यक्ष उभांव राजेश कुमार सिंह सुबह से ही स्थिति का जायजा लेते नजर आ रहे थे। देर शाम जुलूस के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
परम्परागत लोक नृत्य की भी मिली झलक…
प्रायः विलुप्त हो चुके लोक नृत्य गोड़ऊ नाच व धोबऊ नाच भी शोभा यात्रा के आकर्षण का केन्द्र् रहा। यह नृत्य वर्ततमान पीढ़ी के नवजवानों के लिए काफी विस्मयकारी रहा।
हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच के स्टाल से मेलार्थियों को पिलाई गयी शर्बत…
जामा मस्जिद के पास हिन्दू मुस्लिम एकता एवं संकल्प सोसाइटी के लगे स्टाल से जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं को पानी व शर्बत पिलाने के कार्य की सर्वत्र सराहना की गयी। स्टाल पर शर्बत पिलाने वालों में खालिद भाई, जीतू जायसवाल, जहीर भाई, माखन, शाहिद लारी, अनवरत एजाज, ईद मोहम्मद आदि शामिल रहे।

