युवा साइंटिस्ट (वैज्ञानिक) विवेक द्विवेदी ने किया कमाल, बनाई एक ऐसी दवा जो कैंसर की दवा से हर्ट पर पड़ने वाले साइड इफेक्ट्स को करेगा कम
एक सामान्य परिवार से निकल कर चीफ साइंटिस्ट तक के मुकाम की रोचक कहानी
डॉ. अरुण कुमार मिश्र…
कोपागंज/मऊ। जनपद के लाल का डंका अब पूरी दुनियां के सर माथे चढ़ कर बोलेगा । युवा वैज्ञानिक विवेक द्विवेदी ने वह कर दिखाया जो किसी ने सोचा नहीं था। विवेक के इस उपलब्धि से पूरे देश को नाज हैं। बोध गया के वास्तु विहार बायोटेक एण्ड रिसर्च सेंटर के मुख्य वैज्ञानिक विवेक द्विवेदी ने हाल ही में कैंसर की एक्ससोम बेस नाम की एक ऐसी दवा की खोज किया हैं जो ट्रोपोनिन टी हृदय गति क्यूटी प्रोलोगेशन को सही करता हैं ।जो कैंसर के रोगियों में उपचार में जो मददगार साबित होगा और साथ ही साथ हार्ट की बीमारियों को कम करेगा। युवा वैज्ञानिक विवेक द्विवेदी ने “डॉ. अरुण कुमार मिश्र” से बात चीत में बताया कि अक्सर देखा गया है की कैंसर से पीड़ित व्यक्ति जब अपना इलाज शुरु करता हैं तो उसके विषाणु (वायरस) को मारने के लिए डॉक्सोरुबिसिन नाम की जो दवा दी जाती थीं उन दवाओं से रोगी को फौरी तौर पर राहत तो मिल जाती थीं पर इसके इस दवा के साइड इफेक्ट्स के चलते उक्त मरीज का हार्ट काफी दुष्प्रभावित हो रहा था । यहां वही बात चरितार्थ होती हैं कि गए थे हरी भजन को ओटन लगे कपास बेचारा एक रोग से मुक्ति पाने गया था वहां से हार्ट की समस्या मुफ्त में ले आया । यह सब देख कर मेरे मन एक ऐसा विचार आया की क्यों न एक ऐसी दवा का इजात किया जाए जो कैंसर के रोगियों को इलाज में मदद गार साबित हो और साथ ही साथ उसके हर्ट को सुरक्षित रखा जा सके । एक लम्बे अनुसंधान के बाद एक्स सोम बेस दवा को इजाद किया गया अब यह दवा पूर्ण रूप से प्रमाणित जो जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी।
आपको बताते चलें कि विवेक द्विवेदी मऊ की मुंशीपुरा निवासी है की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा एक से लेकर इंटर की शिक्षा कोपागंज नगर क्षेत्र के सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुई इनके पिता हेल्थ इंस्पेक्टर के पद पर कोपागंज में तैनात रहे। एक साधारण परिवार में जन्म लिए विवेक द्विवेदी ने जिस मुकाम को हासिल किया है वह वाकई तारीफ ए काबिल है विवेक द्विवेदी मुख्य साइंटिस्ट पद पर रहते हुए भी व्यक्तिगत रूप से काफी मिलनसार व सरल स्वभाव के व्यक्ति है। विवेक के इस उपलब्धि से समूचा जनपद हर्षित हैं।
