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राजस्व विभाग की अकर्मण्यता से हो सकता है बड़ा हादसा

शन्नू आज़मी

घोसी (मऊ)। राजस्व विभाग की अकर्मण्यता व संवेदनहीनता से कभी – कभी छोटे मामले एक बड़े विवाद का रूप ले लेते हैं। कुछ ऐसा ही नज़ारा आने वाले दिनों में स्थानीय तहसील अन्तर्गत मझवारा क्षेत्र के ग्राम सभा मुंगेसर में देखने को मिल सकता है। जहां उपजिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद व जमीन की पक्की पैमाईश के बाद भी राजस्व विभाग पीड़ित व्यक्ति को उक्त भूमिधरी पर उपजिलाधिकारी घोसी के आदेश के करीब एक साल बाद भी कब्जा नहीं दिला सका है। राजस्व विभाग की इस कारगुज़ारी से जहां अवैध कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं वहीं पीड़ित काफी डरा व सहमा हुआ है कि कहीं उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाये।
मिली जानकारी के अनुसार घोसी तहसील अन्तर्गत मझवारा क्षेत्र के ग्रामसभा मुंगेसर निवासी भीमसेन राय पुत्र स्व० बिनमाधव राय का ग्राम सभा स्थित चक है। जिस पर गांव के ही पन्नालाल, रामानन्द व गुलाबचन्द्र पुत्रगण स्व. मातबर ने मकान बनाकर कब्जा किया हुआ है। बार बार पंचायत व आपसी तालमेल के हिसाब से प्रार्थी द्वारा उक्त लोगों द्वारा किये गए अवैध कब्जों को हटवाने का प्रयास किया गया। लेकिन उक्त लोगों ने कब्जा नहीं हटाया। थक हारकर भीमसेन राय ने उपजिलाधिकारी न्यायालये में धारा 24 के अन्तर्गत प्रतिवाद दाखिल किया। जिसमें न्यायालय उपजिलाधिकारी ने चक की पैमाईश कराते हुए पत्थर नसब का आदेश राजस्व निरिक्षक को दिया। उपजिलाधिकारी न्यायालय घोसी के आदेश के क्रम में राजस्व विभाग ने पत्थर नसब की कार्रवाई तो सम्पन्न करा दिया। लेकिन उक्त अवैध कब्जेदारों को वहां से बेदखल कर भूमिधरी के मालिक को कब्जा नहीं दिलवाया जा सका। पत्थर नसब के बाद एक साल से पीड़ित भीमसेन उक्त भूमि पर कब्जे के लिये राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहा है। लेकिन दोनों विभाग एक दूसरे के ऊपर ज़िम्मेदारी थोपते हुए अपने कार्यों के प्रति अकर्मण्यता दिखा रहे हैं। लगता है कि कोई बड़ी घटना होने के बाद ही राजस्व विभाग व पुलिस विभाग की आंख खुलेगी।

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