भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय ने लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अंगवस्त्रम भेंट कर किया सम्मानित
मऊ। भारतीय जनता पार्टी मऊ इकाई द्वारा जनपद कार्यालय पर कांग्रेस द्वारा थोपे गए आपातकाल के विरुद्ध लड़ने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोकतंत्र रक्षक सेनानी भाजपा कार्यालय पर इकट्ठा हुए तथा आपातकाल के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा किस प्रकार से लोकतंत्र का गला घोंटा गया उस अनुभव को अन्य नौजवान कार्यकर्ताओं के समक्ष साझा किया।
जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय ने लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अंगवस्त्रम भेंट करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि, भारतीय जनता पार्टी ने यहां मात्र सेनानियों को सम्मानित करने के लिए नही बल्कि खुद सम्मानित होने के लिए आमंत्रित किया है। यह सेनानियों का संगम है यह हमारा सौभाग्य है कि आपने हमारे निमंत्रण को स्वीकार किया। स्वर्ण काल व्यक्ति के सम्मान का होता है। ज़िलाध्यक्ष ने मैथिली शरण गुप्त की कविता मुझे तोड़ लेना वनमाली का उल्लेख करते हुए सेनानियों द्वारा किए गए प्रेरित प्रसंग का उल्लेख किया। कहा कि हमारे मातृभूमि के अन्न जल में ऐसी प्रेरणा है कि यहाँ मातृभूमि के आजादी के दीवाने इसकी रक्षा के लिए हर वक्त मोर्चा लेने को तैयार रहते है। यहाँ आकर सेनानियों ने युवा कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का कार्य किया है सेनानी उस माता के समान है जो सिर्फ पुत्रो को देते रहते है पाने की अपेक्षा बिल्कुल नही करते ,यह हम सब के गौरव का विषय है कि आज लोकतंत्र सेनानियों का सानिध्य व आशीर्वाद मिला।
वरिष्ठ सेनानी हरिहर प्रसाद गुप्त ने कहा कि, आपातकाल के दौरान देश की पुकार पर सारे देशवासी एक होकर खड़े थे। जनता के अधिकारों का चिर हरण हुआ अपनी सत्ता लोलुपता के कारण तत्कालीन कांग्रेश सरकार ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया। लेकिन देशवाशियों के जज्बे को कोई अत्याचारी ताकत रोक नहीं सकती आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा। देश ऐसे ही लोंगो की बदौलत चलता है क्योंकि ऐसे लोग निःस्वार्थ भाव से आंदोलन करते हैं।
सम्मान समारोह में वृजवाशिनी पूरी, देवेंद्र सिंह, शिवशंकर, नरेंद्र सिंह, रमाशंकर सिंह, अवधभूषण सिंह, अख्तर भारती, ने अपने अनुभव व विचार साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय ने तथा संचालन वरिष्ठ सेनानी उमाशंकर तिवारी ने किया।
इस अवसर पर संतोष सिंह, आनंद प्रताप सिंह, प्रवीण गुप्ता, संजय पाण्डेय, कृष्ण कान्त राय, संजीव जायसवाल, डॉ0 एच एन सिंह,रमेश राय, आनंद सिंह रैकवार, राजेश सिंह राज, रामप्रवेश राजभर आदि उपस्थित रहे।

