भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर निश्चित पूजन विधि से आराधना करने पर मिलेगा पूजा का फल : महामंडलेश्वर
◆ “सिद्धपीठ पर आज मनाई जा रही है श्री कृष्ण जन्मोत्सव”
जखनियां/गाजीपुर। कान्हा, श्रीकृष्णा, गोपाल, घनश्याम, बाल मुकुन्द, गोपी मनोहर, श्याम, गोविंद, मुरारी, मुरलीधर जाने कितने सुहाने नामों से पुकारे जाने वाले यह खूबसूरत देव दिलों के बेहद करीब लगते हैं। इनकी पूजा का ढंग भी उनकी तरह ही निराला है। अगर सच्चे मन से भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की जाए तो भगवान शीघ्र ही प्रसन्न हो जाएंगे। उपरोक्त बातें सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर चल रहे चातुर्मास महा यज्ञ के दौरान श्री कृष्ण जन्मोत्सव प्रकाश डालते हुए महामंडलेश्वर श्री भवानी नंदन यति जी महाराज ने कहा।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भगवान की पूजन विधि पर प्रकाश डालते हुए श्री यति जी महाराज ने कहा कि सर्वप्रथम चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लीजिए। भगवान् कृष्ण की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिए। दीपक धूपबत्ती इत्यादि जलाकर भगवान् कृष्ण से प्रार्थना करके श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं। फिर गंगाजल से स्नान कराएं। अब श्री कृष्ण को वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार कीजिए। भगवान् कृष्ण को दीप दिखाएं। इसके बाद धूप दिखाएं। अष्टगंध चन्दन या रोली का तिलक लगाएं और साथ ही अक्षत (चावल) भी तिलक पर लगाएं। माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री अर्पण कीजिए और तुलसी का पत्ता विशेष रूप से अर्पण कीजिए. साथ ही पीने के लिए गंगाजल रखें। अब इसके साथ ही भगवान के विभिन्न स्वरूपों का मन के अंदर दर्शन करते हुए भगवान की पूजा आराधना व मंगलमय की कामना करते हुए प्रार्थना करने से भगवान का आशीर्वाद निश्चित रूप से प्राप्त होगा।
सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर रविवार को श्री कृष्ण जन्म उत्सव की तैयारी धूमधाम से की जा रही है। इस अवसर पर वैदिक बटुकों द्वारा आकर्षक झांकी सजाया जा रहा है।
गौरतलब हो की सिद्धपीठ हथियाराम मठ इस समय चातुर्मास महायज्ञ आयोजित है। इस दौरान विभिन्न पर्व व त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जाते हैं। चातुर्मास महायज्ञ के तहत प्रतिदिन चलने वाला पार्थिव शिवलिंग द्वादश ज्योतिर्लिंग रुद्राभिषेक महायज्ञ वैदिक विद्वानों द्वारा किया जा रहा है, जिस में दर्शन पूजन हेतु श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है।

