आस्थाखास-मेहमान

गणेश चतुर्दशी उत्सव के अवसर पर फाइन आर्ट सेंटर के कलाकारों ने रंगोली बना सजाया मन्दिर का प्रांगण

विघ्नहर्ता श्री गणेशजी का जन्म भाद्र पक्ष शुक्ल चतुर्थी के दिन हुआ था।ये प्रथम पूजनीय देवता हैं।बड़ा गणेश मंदिर(लालडिग्गी) में इनका जन्मोत्सव हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। कलाएं हमारे सांस्कृतिक जीवन को समृध्द करती हैं।कलाकार के लिए हर उत्सव की पूर्णता द्वार पे सजी रंगोली से होती है।गणेश जन्मोत्सव में फाइन आर्ट सेंटर की चार महिला कलाकारों ने इस उत्सव को कलात्मक रंग देते हुए बड़ा गणेश मंदिर में 12*12 फीट की रंगोली बना प्रभु का दरबार सजाया।फाइन आर्ट सेंटर की निदेशक डॉ लीना मिश्रा ने बताया कि गणेश जी ज्ञान के देवता हैं, प्रथम पूजनीय है।किसी भी शुभ कार्य को करने में सबसे पहले गणेश जी की पूजा होती है।इनके जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मन्दिर के प्रांगण में जो रंगोली बनाई उसमे प्रभु गणेश को शिव-शक्ति की गोद मे बैठा दिखाया है जैसे शिशु अपने माता-पिता की गोद मे स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है साथ ही प्रभु के चरणों मे समर्पित पुष्पों से प्रार्थना की है कि सभी के जीवन मे यह त्यौहार सुख-समृधि, यश, कीर्ति, वैभव, पराक्रम,धन,ऐश्वर्य और आरोग्य का आशीष लेकर आए ।कोरोना काल के नियमो का पालन करते हुए मास्क लगा कर ही कलाकार ऋषिका अग्रवाल, स्वाति राय, प्रिया मद्धेशिया व डॉ लीना मिश्रा ने तीज का निर्जल व्रत रहते हुए 144 वर्गफीट की रंगोली 4 घण्टे में बनाई।

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