बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने रतन सिंह के परिवार को दिया दो लाख का आर्थिक सहायता
बलिया। एक ओर पत्रकार की हत्या व सुरक्षा पर सवाल पूछने पर यहां सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के उपमुख्यमंत्री बेतुके बयान बोल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेता अपनी तरफ से मृतक परिवार के घर दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए उनके आंसू पोछ रहे हैं। तो फिर पक्ष और विपक्ष में अंतर स्पष्ट दिखाई देने लगता है। ऐसे में यह अंतर किस प्रकार का है, इसे आसानी से देखा और समझा जा सकता है। कम से कम भारतीय जनता पार्टी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को इतना तो चाहिए ही था कि अगर वे पत्रकारों को दर्द खुद समझ नहीं सकते हैं तो कम से कम उसे बढ़ाने का काम ना करें। लेकिन खैर उन्हें कौन समझाए उन्हें कौन बताए।
खैर बलिया के रसड़ा विधानसभा के विधायक बसपा नेता उमाशंकर सिंह के पीड़ित परिवार के प्रति इस हमदर्दी को भुलाया नहीं जा सकता।
रसड़ा के विधायक और बहुजन समाज पार्टी के नेता तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए एवं लोगों के सुख दुख में अपनी सहभागिता का हमेशा एक अलग अंदाज पेश करने वाले उमाशंकर सिंह ने बलिया के पत्रकार स्वर्गीय रतन सिंह के घर जाकर उनके परिजनों से मिले तथा दुख की इस घड़ी में ढांढस बढ़ाते हुए दो लाख रुपया का चेक प्रदान किया। इस दौरान विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा कि इस देश के चार स्तंभों में से एक महत्वपूर्ण स्तम्भ पत्रकारिता है और इस स्तम्भ को थामे रखने वाले हैं हमारे पत्रकार भाई हैं।सच की तह तक जा कर उसे समाज के सामने लाने वाले ऐसे ही एक साहसी पत्रकार थे स्वर्गीय रतन कुमार सिंह ।

पत्रकार रतन कुमार सिंह की इस तरह से निर्मम हत्या किए जाने से मैं स्तब्ध और आहत हूं । सौम्य स्वभाव के रतन कुमार सिंह पहले से ही अपने बड़े भाई को खो देने के बाद ऐसे ही बहुत दुखी थे एवम उनके निधन के बाद उनके परिवार का भी भरण पोषण कर रहे थे । ऐसे में देश ने केवल एक होनहार पत्रकार ही नहीं बल्कि दो परिवारों ने अपना सहारा भी खो दिया है ।
ऐसी स्थिति में कोई इनके परिवार की भला क्या ही मदद कर सकता है, लेकिन फिर भी मैंने सहयोग की एक छोटी सी कोशिश की तथा अपने बसपा के पदाधिकारियों के साथ पहुंच कर आज पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपयों की आर्थिक सहायता की । इस दुख की घड़ी में हम पीड़ित परिवार की किसी भी तरह की मदद के लिए उनके साथ हैं।
पत्रकार रतन कुमार सिंह को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मैं ईश्वर से यह प्रार्थना करता हूं कि उनके परिवार को इस दुख को सहने की हिम्मत मिले ।
