बात सेहत की

कोरोना को मात देने के बाद सही खानपान से जाएगी थकान ऊर्जा बढ़ाने वाले फलों का सेवन साबित होगा उपयोगी

सलाद व भोजन में कार्बोहाइड्रेट व उपयुक्त प्रोटीन को कर सकते हैं शामिल

मऊ। कोरोना को मात देने के बाद भी बनी रहने वाली शारीरिक थकान और कमजोरी को दूर करने का सबसे सरल और सटीक उपाय है कि अपने खानपान में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जो ऊर्जा बढ़ाने वाले हों । इसके लिए किसी चिकित्सक या दवा की जरूरत नहीं है बल्कि इसकी दवा तो आपके रसोईघर (किचेन) में ही मौजूद है, बस जरूरत है उसे जानने और दूसरों को समझाने की।
 
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डॉ जयराम यादव ने बताया कि पपीता, सेब, संतरा और नींबू जैसे ऊर्जा बढ़ाने वाले फलों के सेवन से कोरोना के बाद महसूस होने वाली थकान व कमजोरी को दूर किया जा सकता है। साथ ही फेफड़े को मजबूती देने के लिए  मुनक्का, अंजीर, खजूर और छुहाड़ा आदि भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा सलाद और भोजन में उपयुक्त कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को शामिल करना भी उपयोगी साबित हो सकता है। आर्गेनिक शहद और नींबू के साथ गर्म पानी का सेवन भी किया जा सकता है, जो कि शारीरिक थकान को दूर कर शरीर को राहत पहुंचाएगा।

डॉ जयराम  यादव ने बताया कि कोरोना के चलते होने वाली सूखी खांसी की समस्या से भी निजात पाने की सलाह बहुत से लोगों द्वारा मांगी जा रही है, तो उन लोगों को यही बताना चाहूंगा कि सूखी खांसी व गले में खराश को दूर करने में आयुष का घरेलू उपचार बहुत ही कारगर है। कोविड लक्षणों से आराम के लिए तुलसी के पत्तों के साथ गरम पानी का सेवन करें। अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। शर्करा युक्त पेय, शराब और काफी के सेवन से बचें क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन होता है।
इसके अलावा दिन में दो से तीन बार मुंह से भाप लेना भी इससे निजात दिलाने में फायदेमंद साबित हो सकता है । इसके अलावा लौंग के पाउडर को मिश्री/शहद के साथ मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से भी इस तरह की समस्या दूर हो सकती है।

डॉ जयराम यादव ने बताया कि यदि इसके बाद भी दिक्कत ठीक नहीं होती है तभी चिकित्सक की सलाह लें, जानकारी के अभाव में लोग इसके लिए चिकित्सक की सलाह लिए बगैर भी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर आजमाने लगते हैं, जो कि नुकसानदेह साबित हो सकती हैं।
डॉ जयराम यादव का कहना है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के एक से एक नुस्खे आयुर्वेद में मौजूद हैं, जिसको आजमाकर हम कोरोना ही नहीं अन्य संक्रामक बीमारियों को भी अपने से दूर कर सकते हैं। इसके अलावा इन नुस्खों के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं। भोजन में हल्दी, धनिया जीरा और लहसुन का इस्तेमाल भी इसमें बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा दूध में हल्दी मिलाकर पीकर, गुनगुना पानी और हर्बल चाय/काढ़ा पीकर भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही योगा, ध्यान और प्राणायाम का भी सहारा लिया जा सकता है। बदली परिस्थितियों में यही जरूरी नुस्खे आजमाकर स्वस्थ रह सकते हैं।

डॉ जयराम यादव ने आगे बताया कि कुछ लोग फल और सब्जियों से वायरस के फैलने के भ्रम में उसके सेवन से बच रहें हैं जो कि शारीरिक रूप से कमजोर बना सकता है। लोगों को इस भ्रम को तोड़ना होगा क्योंकि फल और सब्जियों से सीधे तौर पर वायरस नहीं फैलता है। इतना ख्याल जरूर रखना चाहिए कि फल या सब्जियों को उपयोग से पहले या पकाने से पहले अच्छी तरह से धो जरूर लेना चाहिए। इन्हें गर्म या गुनगुने पानी से भी धुल सकते हैं। इसके अलावा इस्तेमाल करने से पहले फलों और सब्जियों को कुछ देर के लिए पानी में भिगो देना चाहिए।

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