कोरोना काल में सकारात्मक रवैया अपनाएं, जिससे हम कोरोना को कुछ हद तक हरा सकें
( डॉ मीना कुमारी परिहार )
दिशा-निर्देशों की अवहेलना,
यह देश के साथ गद्दारी है,
घरों में खुद को कैद करो,
देश बचाना जिम्मेदारी है”
चीन से शुरू हुआ कोरोना वायरस का प्रकोप वर्ष से ज्यादा समय बीतने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस बीमारी की दूसरी लहर शुरू हो गई है।कोरोना ने भयानक रूप में वापसी की है और हालत बद से बद्तर हो रहे हैं और उपर से चारों ओर से नकारात्मक समाचार रोगग्रस्त मानव मस्तिष्क को कमजोर कर रहे हैं जो बिल्कुल सही नहीं है।
कोरोना वायरस के कारण आज पूरे देश में बड़ी विपदा आ गई है। सभी लोग अपने-अपने घरों में बंद हैं और वैसे भी इस समय देश की जो स्थिति है,वह चिंता का विषय बनी हुई है। इसके बाद दिन -रात सिर्फ कोरोना की खबरें देखकर मन मस्तिष्क में एक डर व्याप्त हो गया है लोगों में। हम दिन -रात सिर्फ कोरोना-कोरोना के बारे में सुनते हैं और यह हमारे मन में कहीं-न कहीं एक नकारात्मकता
को पैदा कर रही है।”
लेकिन इस वायरस से हमें डरना या इसके संबंध में जो जानकारी मिल रही है उससे हमारे मन में नकारात्मकता को व्याप्त नहीं होने देना चाहिए। ऐसे समय में खुद को सकारात्मक रखना बहुत जरूरी है। यह बात जरूर सोचिए कि हर एक बुरी परिस्थिति कुछ अच्छा लेकर जरूर आती हूं। कोरोना एक बुरा दौर है, लेकिन इस समय को अगर हम सकारात्मक पक्ष से सोचें तो क्या कभी आपने ऐसा सोचा था कि आप इतना समय अपने परिवार को दे पाएंगे…?
उस दिनचर्या में जब आप सिर्फ भाग रहे थे। न अपनों के लिए समय,न खुद के लिए। लेकिन आज आप अपनों के साथ एक बहुत अच्छा समय बिता रहे हैं, खुद की देखभाल कर रहे हैं। अपनों की देखभाल कर रहे हैं तो बस इस दौर से परेशान होकर खुद को नकारात्मकता की ओर न ले जाएं। बस, इस बात का ध्यान रखें कि बुरा समय भी अपने साथ कुछ अच्छा ही लेकर आता है।
हम सभी साहित्यकारों को अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं में सकारात्मक आलेख, कविताएं, लघुकथाएं ही लिखनी चाहिए।
कोरोना से बचने के लिए उपाय को दर्शाते हुए कार्टून चित्रों को प्रदर्शित करना चाहिए। कोरोना से पीड़ित रोगी से दूरी अवश्य बनाएं लेकिन फोन से सहानुभूतिपूर्ण बातें करते रहें। जिससे उनका हौसला बढ़ जाता है।फ़ोन पर कोरोना से बचने के लिए उपाय भी बताते रहें और बोलें कि कोरोना को हराना है,आप जल्द ही ठीक हो जाएंगे।
मास्क, सफाई और सोशल डिस्टेंसिग जैसी जरूरी सावधानियां रखकर कोरोना वायरस के संक्रमण से काफी हद तक हम बच सकते हैं ये उन्हें बताएं। इससे तनिक भी नहीं डरना है, हमारे देश के लोगों की कश्ती को इस भयानक तूफान से गुजरना ही पड़ेगा। इसलिए अब डरने से ज्यादा समझदारी इस तूफान के लिए तैयार होकर रहें।
इस तरह से हम सभी को सकारात्मक विचार रखना होगा तभी हम कोरोना वायरस को हरा सकते हैं।
“आपदा में है देश फंसा
विपदा बड़ी ये भारी है
घरों में खुद को कैद करो
देश बचाना जिम्मेदारी है”

