मऊ की आवाज़ बन रहे हैं आप जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह!
० अंडर रेलवे ब्रिज की मांग को लेकर वाराणसी में गरजे, जनसुरक्षा को बनाया मुद्दा
आनन्द कुमार…
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली और पंजाब में जनहित से जुड़े कार्यों के ज़रिए अपनी अलग पहचान बनाई है। उसी कड़ी में अब पूर्वांचल के जनपद मऊ में भी आम आदमी पार्टी ज़मीनी स्तर पर जनता की आवाज़ बनकर उभरती दिख रही है।
हालांकि मऊ में न तो आम आदमी पार्टी का कोई विधायक है और न ही सांसद, इसके बावजूद पार्टी के जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने पदभार संभालने के बाद जिस सजगता, संवेदनशीलता और दायित्वबोध के साथ जनसमस्याओं को उठाया है, वह उन्हें विपक्षी दलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करता है।
चाहे अस्पतालों की बदहाली हो, स्कूलों की समस्या, सड़क, साफ-सफाई या फिर तमसा नदी की दुर्दशा—
विक्रम जीत सिंह हर मुद्दे पर जनता की आवाज़ बनते नज़र आते हैं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि वर्तमान समय में जनसमस्याओं को लेकर वे सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं से कहीं अधिक मुखर और सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
मऊ की समस्या के लिए वाराणसी कूच
बुधवार को आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह सैकड़ों कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ वाराणसी पहुंचे और जनपद मऊ के छोटी कम्हरिया क्षेत्र में लंबे समय से लंबित अंडर रेलवे ब्रिज/सबवे निर्माण की मांग को लेकर डीआरएम कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक (DRM), वाराणसी के नाम से एक ज्ञापन
अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM), वाराणसी मंडल को सौंपा गया।
जान जोखिम में डालकर पटरी पार करने को मजबूर लोग
ज्ञापन में बताया गया कि छोटी कम्हरिया क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अंडरपास या अधिकृत रेलवे क्रॉसिंग नहीं है।
इस कारण स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग और मजदूर रोज़ाना रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इस मौके पर AAP जिलाध्यक्ष विक्रम जीत सिंह ने कहा—
“यह सिर्फ विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे-सीधे जनसुरक्षा और जानमाल की रक्षा का सवाल है।
अगर समय रहते अंडर रेलवे ब्रिज का निर्माण नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।”
राज्यसभा सांसद संजय सिंह से भी की मुलाकात
ज्ञापन सौंपने के बाद विक्रम जीत सिंह ने वाराणसी में मौजूद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद श्री संजय सिंह के समक्ष भी यह मामला रखा।
इस पर सांसद संजय सिंह ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा—
“यह जनता की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है।
मैं रेलवे मंत्रालय, रेलवे बोर्ड और संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाऊँगा और छोटी कम्हरिया में अंडर रेलवे ब्रिज के निर्माण के लिए हरसंभव प्रयास करूंगा।”
वहीं ADRM, वाराणसी मंडल ने ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुए आश्वासन दिया कि—
“मामले की तकनीकी जांच और स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा प्रस्ताव को सक्षम स्तर तक भेजा जाएगा।”
आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी जनहित में इस आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगी।
आज के राजनीतिक माहौल में जब अधिकतर नेता सीमित दायरे में सिमटे दिखाई देते हैं, वहीं मऊ से वाराणसी जाकर मऊ की जनता के लिए संघर्ष करना यह दर्शाता है कि राजनीति अगर की जाए तो जनहित को केंद्र में रखकर भी की जा सकती है।
और जब नाम ही विक्रम + जीत हो, तो जनता के विश्वास की जीत तय मानी जाती है।

