कोपागंज लूट कांड का खुलासा न होना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती, सर्राफा व्यापारियों में भय का माहौल
मऊ। कोपागंज में जितेंद्र वर्मा के साथ पिस्टल सटाकर हुई लूट की सनसनीखेज घटना का अब तक खुलासा न होना पुलिस व प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। इस लबे रोड हुई वारदात के बाद जिले के सर्राफा व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
घटना से क्षुब्ध सर्राफा सेवा समिति के जिलाध्यक्ष मनीष सर्राफ के नेतृत्व में सर्राफा व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित जितेंद्र वर्मा एवं उनके बड़े भाई श्री कैलाश वर्मा के साथ डीआईजी श्री सुनील सिंह से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने घटना के शीघ्र खुलासे, लूटे गए जेवरात व नगदी की बरामदगी तथा अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग जोरदार तरीके से रखी।
डीआईजी सुनील सिंह ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बहुत जल्द अपराधियों का चेहरा सबके सामने होगा और मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
आज़मगढ़ से मऊ लौटने के बाद सर्राफा व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक राजस्थान भवन में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्री मनीष सर्राफ ने डीआईजी द्वारा दिए गए आश्वासन की विस्तृत जानकारी व्यापारियों को दी और एकजुट रहने का आह्वान किया।
इस बैठक में ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष वर्मा, सर्राफा समिति के नगर अध्यक्ष कन्हैया वर्मा, संस्थापक निखिल वर्मा, नगर महामंत्री मनोज वर्मा, स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष अजय सर्राफ, सर्राफा मंडल अध्यक्ष विजय सर्राफ सहित प्रदीप वर्मा, हरिओम वर्मा, महेंद्र वर्मा, उदयप्रताप सर्राफ, मोतीलाल वर्मा, केशरी नंद वर्मा, अशोक वर्मा, अरुण वर्मा समेत सैकड़ों की संख्या में सर्राफा व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही लूट कांड का खुलासा नहीं हुआ तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने को विवश होंगे।

