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रमेश पटेल हत्याकाण्ड में कोर्ट के आदेश पर अंततः दर्ज हुआ मुकदमा

(अशोक जायसवाल)

बिल्थरारोड/बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के पलिया गांव निवासी रमेश पटेल हत्याकाण्ड में अंततः पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 2 माह बाद उसकी छोटी बहन की तहरीर पर मृतक की पत्नी व गांव के ही एक युवक के खिलाफ भादवि की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नही हो सकी थी।
रमेश पटेल हत्याकाण्ड में मृतक की बहन ने अपनी तहरीर में जहां भाई के पीएम रिपोर्ट पर सवाल खड़े किये हैं वहीं उसने अपनी भाभी सोमारी देवी पर ही अवैध सम्बन्धों के चलते अपने मित्र के साथ भाई की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा मामले को आत्महत्या का रूप देने को लेकर मृतक की बहन लक्ष्मीना देवी ने जहां पिछले 3 अगस्त से आमरण अनशन शुरू किया था वहीं 156ध्3 के तहत अदालत का भी दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए उभांव पुलिस को इस संदर्भ में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर उभांव पुलिस ने लक्ष्मीना देवी के तहरीर पर मृतक की पत्नी सोमारी देवी व पलिया निवासी सत्यप्रकाश पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है।

काफी संघर्ष के बाद दर्ज हो सका मुकदमा…

पलिया निवासी रमेश पटेल 27 वर्ष चेन्नई में खिलौने बेच कर अपने परिवार का पेट पालता था। माता-पिता की मृत्यु के बाद गांव में सिर्फ उसकी पत्नी ही रह गयी थी। पति की अनुपस्थिति में वह गांव में एक व्यूटी-पार्लर का संचालन करती थी। पिछले दो माह पूर्व उसका पति चेन्नई से आकर गांव में ही रह रहा था। 4 मई शुक्रवार की रात रमेश गांव में आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने गया हुआ था उसके साथ उसकी पत्नी सोमारी भीं दुल्हन सजाने के कार्य से वहां गयी हुई थी। सोमारी के अनुसार जयमाल आदि के बाद रमेश रात को उसे घर छोड़कर पुनः शादी में शामिल होने चले गये थे। जाते समय वह घर के दरवाजे में बाहर से ताला लगाकर कर गये। इसी बीच रात में कब रमेश अपने घर आकर बरामदे में पड़ी चारपाई पर सो गया इसकी खबर उसकी पत्नी को नही लगी थी। सोमारी के अनुसार दूसरे दिन शनिवार की सुबह 6 बजे जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा की आंगन में उसका पति सोया हुआ है। उसने जब अपने पति को जगाने का प्रयास किया तो उसकी हालत देखकर उसके होंश उड़ गये। बिस्तर पर अपने पति को मृत देख उसने रोना शुरू कर दिया। बाद में पीएम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण हैंगिंग आने पर मामला और संगीन हो गया। रमेश पटेल की मौत के चौथे दिन बुधवार को उसकी पत्नी सोमारी देवी ने उभांव पुलिस को एक तहरीर देकर पति की हत्या किये जाने का आरोप लगाते हुए उसके हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। परन्तु तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मृतक की पत्नी की तहरीर के बाद इस पर मुकदमा दर्ज नही किया। बाद में भारत आजाद पार्टी ने इस मामले को लेकर अनशन प्रदर्शन किया तथा तिरनइ चट्टी पर पहले क्रमिक व बाद में आमरण अनशन शुरू किया। आमरण अनशन शुरू होने के दूसरे दिन एसडीएम एसडीएम राधेश्याम पाठक, सीओ रसड़ा व थानाध्यक्ष उभांव के अनशनकारियों से बातचीत के बाद 15 दिन में मामले का पर्दाफास करने का आश्वासन देने के उपरान्त उक्त अनशन 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। परन्तु इस दौरान अनशनकारियों द्वारा दी गयी चार सूत्रीय मांग में से किसी पर कोई कार्यवाही नही की गयी। इस मामले में मृतक की छोटी बहन लक्ष्मीना देवी ने अपनी भाभी पर ही अवैध सम्बन्धों के चलते भाई की हत्या का आरोप लगाया था। परन्तु पुलिस लगातार इस मामले को लेकर दबाने के प्रयास में लगी रही तथा इस े आत्महत्या बताती रही। पुलिस द्वारा इस मामले कोई कार्यवाही होते न देख अनशनकारियों ने 156ध्3 के तहत मुकदमा दज कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत द्वारा इस मामले में पुलिस से मांगी गयी रिपोर्ट में मृतक की पत्नी के लगे बयान में उसने अपने पूर्व के बयान को पलटते हुए अपने पति को कपड़े के सहारे बीम से लटकता पाया जाना बताया गया। उसके बयान में कई आश्चर्यजनक तथ्य बताये गये थे। सोमारी के बयान के अनुसार 4 मई को शादी में उसके पति उसे लेकर गये तथा बाद में वे उसे घर लाकर उसे रात में लगभग 9 बजे दवा खिलाये तथा रात में फिर आकर उसे बारात ले जाने की बात कहकर घर का दरवाजा बंदकर वापस चले गये। पत्नी के अनुसार रात में वह कब आये उसे पता नही। जब वह 5 बजे उठी तो अपना दरवाजा खटखटाई परन्तु वह नही खुला। जब वह दरवाजे से झांक कर देखी तो उसके पति कपड़े का फंदा लगाकर बीम से लटके हुए थे। यह देख वह खिड़की से निकलकर बाहर आयी और अपने पति को पकड़कर जोर-जोर से रोने लगी। इस दौरान छत पर भी गयी तथा वहां से भी जोर-जोर से रोई तथा चिल्लाई परन्तु वहां कोई नही पहुंचा। बाद में वह अपने बीम के सहारे कपड़े से लटके पति का पैर पकड़कर जोर-जोर से रोने लगी। उसके रोने के दौरान बीम के सहारे लटका पति आश्चयजनक तरीके से सीधे चारपाई पर गिर गया। इसके बाद पत्नी द्वारा पति के जेब से मोबाइल निकालकर उनके दोस्त सत्यप्रकाश को फोन करने की बात बतायी गयी थी। उसके बदलते बयान पर पुलिस की पैनी नजर तो नही रही परन्तु कोर्ट ने इसे संज्ञान में लेते हुए उभांव पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज करना पड़ा। देखना है इस मामले को पीएम रिपोर्ट के बाद से ही आत्महत्या को रूप देने पर तुली उभांव पुलिस की इस मामले में आगे की विवेचना में क्या तथ्य सामने आता है। फिलहाल रसड़ा के नवागत सीओ व इस घटना के बाद नये आये उभांव एसओ से लोगों को यह उम्मीद तो जगी है कि वे इस मामले के तह तक पहुंचने में अवश्य कामयाब होंगे तथा मृतक को न्याय दिला पाने में सफल साबित होंगे।

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