सा रे गा मा पा’ में चयनित मऊ के दुर्गेश यादव का सनबीम स्कूल में भव्य सम्मान, रामलीला ने मोहा मन
मऊ। जनपद के प्रतिभाशाली युवा गायक दुर्गेश यादव का प्रतिष्ठित टीवी चैनल ज़ी टीवी के लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ में चयन होने पर सनबीम स्कूल, मऊ में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रबंधक राकेश गर्ग ने दुर्गेश यादव के साथ उनके गुरु पंडित गिरिजाशंकर त्रिपाठी और ब्रजेन्द्र त्रिपाठी को शॉल ओढ़ाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने दुर्गेश को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दुर्गेश यादव ने पंडित देवनाथ संगीत महाविद्यालय से संगीत की शिक्षा प्राप्त की है।
सम्मान समारोह के बाद उन्होंने अपनी सुमधुर गायकी से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थी आर्यशिखर तिवारी ने तबले पर शानदार संगत कर प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया।
रामलीला में दिखी भारतीय संस्कृति की अनूठी झलक
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रामलीला रही, जिसकी विषयवस्तु ‘रामायण, पशु-पक्षियों की दृष्टि से’ थी। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस अनूठी प्रस्तुति में गरुड़ जी और कागभुशुण्डि जी के संवादों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर राम विवाह, वन गमन, सीता हरण, राम-सुग्रीव मैत्री, सेतु बंधन और रावण वध तक की प्रमुख घटनाओं का सजीव मंचन किया गया।
विद्यालय के संगीत समूह के विद्यार्थियों ने ‘ठुमकि चलत रामचंद्र’ और ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ जैसे गीतों की मधुर प्रस्तुति देकर मंचन को जीवंत बना दिया। विद्यार्थियों के प्रभावशाली अभिनय, संवाद अदायगी और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
श्रीराम दरबार की आरती के बाद रावण दहन
रामलीला के मंचन के बाद श्रीराम दरबार की भव्य झांकी सजाई गई। इसमें पंडित गिरिजाशंकर त्रिपाठी, ब्रजेन्द्र त्रिपाठी और गायक दुर्गेश यादव ने विद्यालय के प्रबंधक राकेश गर्ग के साथ शामिल होकर भगवान श्रीराम के दरबार की आरती उतारी। इसके पश्चात बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक स्वरूप रावण के पुतले का दहन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक राकेश गर्ग ने कहा कि दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा’ जैसे प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचना पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों और युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम करने की प्रेरणा देगी।
उन्होंने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में संगीत प्रतिभा के सम्मान के साथ विद्यार्थियों की सांस्कृतिक क्षमता और भारतीय परंपराओं के प्रति उनकी निष्ठा का भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संगीत, सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा यह आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।



