मिसाल-ए-मऊ

मऊ में सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह में छाए संतदेव चौहान, समाज सेवा के कार्यों को मिला सम्मान

उत्तर प्रदेश के मऊ में आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह उस वक्त खास बन गया… जब समाज सेवा के लिए पहचान बना चुके संतदेव चौहान को विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया।

एक मई 2026, शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे… लेकिन चर्चा सबसे ज्यादा संतदेव चौहान की रही… जिनकी पहचान सिर्फ एक कर्मचारी नेता के तौर पर नहीं… बल्कि जरूरतमंदों के मसीहा के रूप में भी होती है।

मऊ में सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह में छाए संतदेव चौहान

मऊ के एक छोटे से कस्बे से निकलकर दिल्ली एम्स में यूनियन अध्यक्ष बने संतदेव चौहान पिछले कई वर्षों से पूर्वांचल के लोगों की लगातार मदद कर रहे हैं।

एम्स पहुंचने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भर्ती करवाने से लेकर… उनका इलाज समय पर शुरू कराने तक… संतदेव चौहान हर संभव सहायता के लिए आगे रहते हैं। कई परिवारों के लिए वो सिर्फ एक नाम नहीं… बल्कि उम्मीद का दूसरा चेहरा बन चुके हैं।

समारोह के दौरान संतदेव चौहान ने कहा कि समाज सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है… और वो आगे भी गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जीवन साहस, स्वाभिमान और समाज के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है… और आज की पीढ़ी को उनके आदर्शों से सीख लेने की जरूरत है।

कार्यक्रम में एक भावुक पल भी देखने को मिला… जब एक ढाई साल की मासूम बच्ची ने संतदेव चौहान से मिलने की इच्छा जताई।

संतदेव चौहान ने बच्ची को मंच पर बुलाया… उससे बात की… और कहा कि देश और समाज का भविष्य इन्हीं बच्चों के हाथ में है… इनके सपनों को सुरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

सम्मान मिलने के बाद संतदेव चौहान ने आयोजकों का आभार जताया और कहा कि दोहरीघाट पहुंचने पर लोगों ने जिस प्यार और सम्मान से उनका स्वागत किया… वो पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

समाज सेवा से राजनीति तक… अब संतदेव चौहान को लेकर चर्चाएं तेज हैं… समर्थकों का मानना है कि अगर उन्हें जनप्रतिनिधित्व का मौका मिला… तो वो गरीबों और वंचितों की आवाज को और मजबूती से उठा सकते हैं।

ऊ में सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह में छाए संतदेव चौहान,

फिलहाल… मऊ की धरती से संतदेव चौहान ने एक बार फिर ये संदेश दे दिया है कि असली नेतृत्व वही है… जो समाज के बीच रहकर लोगों के दुख-दर्द को समझे।

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