वाह एसपी साहब! आपकी पुलिस पांच दिन बाद भी नहीं लिखती FIR
मऊ में पत्रकार की बाइक चोरी के 05 दिन बाद भी नही दर्ज हुई एफआईआर – थानाध्यक्ष बोले नही है घटना की जानकारी
मऊ। थाना सराय लखन्सी क्षेत्र के साईं हास्पिटल के सभागार में पिछले शनिवार को आयोजित रोटरी क्लब के कार्यक्रम को कवर करने गये पत्रकार की बाईक चोरी हो गयी। इस संबंध में पीड़ित पत्रकार ने उसी दिन टेलीफोन पर और अगले दिन रविवार को संबंधित थाने पर प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही हेतु गुहार लगाया लेकिन पांच दिन बाद तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इस संबंध में बुधवार को जब पत्रकार थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे बताया कि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जिससे पत्रकारों में रोष व्याप्त है।
छोटी-छोटी मोटी उपलब्धियों पर पत्रकारों के ही सहारे अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस एक पत्रकार की बाइक चोरी की घटना को कितनी गंभीरता से ले रही है कि 5 दिन बाद भी उसे प्राथमिकी की दर्ज करने की सुधि नहीं है। जब एक पत्रकार से जुड़े मामले के प्रति सराय लखंसी थाने की पुलिस इतना संवेदनहीन है तो आम नागरिक के बारे में उसका रवैया कितना सकारात्मक होगा यह सोचने वाली बात है। जबकि एसपी साहब को लगता है कि उनके थानेदार वेरी गुड हैं!
मान्यता प्राप्त पत्रकार जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि पिछले दिनों रोटरी क्लब मऊ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को कवर करने के लिये वे अपने की बाईक से साईं हास्पिटल नरईबांध पर गये थे। समाचार कवर कर वापस आने के लिये अपनी बाईक लेने के लिये पहुंचे तो मौके से बाईक गायब मिली। काफी समय तक इधर-उधर खोजबीन किये लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल सका। दुर्भाग्य यह भी था कि साईं हास्पिटल के सामने कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है जिससे बाईक चोरी होने की गतिविधि के बारे में कुछ जानकारी हो सके। पीड़ित पत्रकार अपने विभिन्न सूत्रों के जरिये बाइक का पता लगाने की पूरी कोशिश की लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अगले दिन स्थानीय थाना सराय लखन्सी में पत्रकार जितेन्द्र वर्मा ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी बाइक चोरी होने की जानकारी देते हुये एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्यवाही किये जाने हेतु गुहार लगाया। बुधवार को जब थाने पहुंच कर अपनी रिपोर्ट के बारे में पूछताछ किया तो पता चला कि अभी तक कोई बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी है। ऐसी स्थिति में इसे क्या कहा जाय। पत्रकार की बाइक चोरी की घटना को लेकर पुलिस कितनी सक्रिय है या चोरी की घटना को लेकर कितनी गंभीर है। इससे तो यही साबित हो रहा है कि आम नागरिकों के साथ भी यही रवैया अपनाया जाता होगा। वाह रे सराय लखंसी थाने की पुलिस। जबकि आज जब एसओ सरायलखंसी से बात हुई की उन्हें घटना की सूचना नहीं है! उन्होंने आश्वासन दिया की एफआईआर लिखी जाएगी! जबकि समस्या यह है कि अगर एसओ छुट्टी पर थे तो इतने संवेदनशील थाने की ज़िम्मेदारी किसके हाथों में थी जो यह औपचारिक मामले को ठीक से निपटा नहीं सका! कमोबेश पुलिस अपनी पीठ भले ही थपथपा ले लेकिन वे जब अब तक वे एफआईआर नहीं लिख सकीं तो बाइक और चोरों को क्या ढूंढी होगी इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है!

