अब मऊ शहर में जर्मन, स्पेनिश और इंग्लिश भाषाओं के शुरू होंगे कोर्स
मऊ। शहर की मशहूर व मारूफ समाजसेवी संस्था “रे ऑफ ह्यूमैनिटी” द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज 25 मई 2025 रविवार को एम ए ए फाउंडेशन में एक बैठक का आयोजन किया गया।जिस की अध्यक्षता शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी Jamal Akhtar Arpan ने की। यह बैठक मऊ शहर में रहने वाले उन छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर की गई जो विदेशी भाषाओं जैसे जर्मन, स्पेनिश और इंग्लिश में दक्षता प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में दूसरे शहरों का रुख करने को मजबूर होते हैं।
बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
अब मऊ शहर में ही जर्मन, स्पेनिश और इंग्लिश भाषाओं के कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इन कोर्सों का संचालन अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा किया जाएगा।
जर्मन या स्पेनिश भाषा का चयन करने वाले छात्रों के लिए इंग्लिश भाषा अनिवार्य होगी ताकि वे वैश्विक स्तर पर संवाद के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
इन कोर्सों में केवल ग्रेजुएशन (स्नातक) किए हुए छात्रों को ही प्रवेश दिया जाएगा। संस्था का मानना है कि किसी भी कंपनी में नौकरी के इंटरव्यू के दौरान इंटरमीडिएट पास छात्रों को अक्सर प्राथमिकता नहीं दी जाती और उन्हें किनारे कर दिया जाता है। इसलिए यह कोर्स उन्हें दिया जाएगा जो कम से कम स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी कर चुके हों।
यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जो आर्थिक कारणों से महानगरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते, लेकिन विदेशी भाषाएं सीखकर अपने करियर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाना चाहते हैं।
बैठक में संस्था के पदाधिकारियों के साथ-साथ शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भाग लिया और इस कदम की सराहना की। जल्द ही संस्था द्वारा कोर्स की शुरुआत की तारीख और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।


