36 बच्चों एवं बच्चियों को बेहतर शिक्षा के लिए दिया गया लैपटॉप
मऊ। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर) डॉक्टर देवेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री बाल सेवा एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत लैपटॉप व सामग्री वितरण एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को संपन्न हुई। अध्यक्ष द्वारा कोविड-19 के दौरान जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु होने पर उन बच्चों के बेहतर शिक्षा के लिए लैपटॉप वितरण किया गया, तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के सात किशोरी क्लब को कैरम बोर्ड सहित अन्य सामग्रियां दी गई जिससे पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी उनकी रूचि बढ़ सके। इसके अलावा समाजसेवी संगठनों के माध्यम से बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बैठक के दौरान नशा मुक्ति हेतु जनपद में अभियान चलाकर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए साथ ही ऑटो रिक्शा पर पोस्टर पंपलेट लगवाने को भी कहा जिससे और तेजी से इसका प्रचार-प्रसार होगा। श्री शर्मा द्वारा नशा मुक्ति पर पुलिस विभाग, आबकारी विभाग एवं चिकित्सा के सहयोग से समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों में जागरूकता लाए जिससे जनपद को नशा मुक्त बनाया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट के नियुक्ति की जानकारी ली जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो चुकी है, शिक्षा के रूपरेखा को बेहतर करने के लिए जनपद में मॉडल विद्यालय बनाकर शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए, वहीं मंत्री ने आरटीई पोर्टल पर प्राइवेट विद्यालयों का रजिस्ट्रेशन कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस योजना से गरीब परिवार के बच्चे लाभान्वित होते हैं इसलिए आरटीई पोर्टल पर प्राइवेट विद्यालयों के माध्यम से आवेदन में लापरवाही करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा द्वारा बाल संरक्षण इकाई समिति का गठन कर जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को संबंधित विकासखंड पर बाल संरक्षण इकाई की बैठक करें जिससे काफी हद तक बाल संरक्षण में सुधार हो सकेगा। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर बाल संरक्षण इकाई की जानकारी लोगों में दें को कहा तथा हेल्पलाइन नंबरों का भी प्रचार प्रसार के निर्देश दिए जिससे पीड़ित व्यक्ति या महिला अपनी समस्या रखें और उसे तत्काल सुविधा मिल सके। मंत्री जी ने जनपद को प्रदेश में अच्छे स्तर पर लाने में पूरा सहयोग करने को कहा अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी द्वारा मंत्री को आश्वस्त किया गया कि बाल संरक्षण समितियों का गठन कर टीम बनाकर कार्य कराया जाएगा जिससे निश्चित रूप से जनपद का लेबल प्रदेश में बेहतर होगा।
बैठक के दौरान मंत्री जी द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, जिला समाज कल्याण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण, जिला आबकारी, जिला दिव्यांग जन कल्याण, बाल कल्याण समिति, मानव तस्करी निषेध इकाई, क्राइम, यातायात, रीजनल ट्रांसपोर्ट, जिला ग्राम विकास अभिकरण, चाइल्ड लाइन, जिला नगरीय विकास अभिकरण, श्रम विभाग, महिला कल्याण विभाग, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड-19 सहित अन्य विभागों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता मुन्ना दुबे, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित बाल कल्याण समिति के सदस्य रूद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र नाथ राय, कंचन तिवारी, रमाशंकर, अनीता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




