मऊ ! शहर में जगह-जगह लगे भूमिगत केबिल के पैनल दे रहे मौत की दावत
आनन्द कुमार…
मऊ। बिजली विभाग द्वारा नगर के अधिकांशतः मुहल्ले में भूमिगत केबिल जनता की सुविधाओं के लिए बिछाया गया है। लेकिन विभाग द्वारा जनहित की सुविधाओं का यह हाल है बिजली के लिए लगाए गए छोटे-बड़े पैनलों के आस-पास के हालात यह है कि आ बैल मुझे मार, बाली कहावत चरितार्थ हो रही है। यानि इन पैनलों के आस-पास मौत की दावत हर पल है। वह किसे अपने आगोश में लेगा यह कोई नहीं बता सकता।
यह हालात नगर के निजामुद्दीनपुरा, मुंशीपुरा, सहादतपुरा, भीटी आदि की मुहल्ले में सड़क और गली में आते जाते देखा जा सकता है। इन विद्युत के छोटे बड़े पैनलों के आस पास बिखरे तार और उनके खुले, उखड़े व गायब दरवाजों की वजह से आम इंसान के साथ साथ जानवरों को भी खतरा है। लेकिन विद्युत चोरी रोकने और विद्युत के पोल व खुले लटकते तार से खतरों को रोकने के लिए करोड़ों अरबों खर्च कर विछाए गए यह तार अपनी बद्दहाली स्वयं बयां कर रहे हैं।
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विद्युत व्यवस्था के संचालन हेतु स्थापित क्षतिग्रस्त विद्युत पैनलों के ठीक कराए जाने व बदलवाने के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता विद्युत खण्ड प्रथम ई.अभिनव तिवारी से मिलकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं सदस्य कनिष्ठ कार्यकारणी सिविल कोर्ट एड.दिलीप कुमार पाण्डेय ने पत्रक सौंपकर अवगत भी कराया तथा इन समस्याओं से निजात व होने वाली अनहोनी से निजात दिलाने की मांग की है।
एड. दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि विद्युत पैनलों के क्षतिग्रस्त होने की अवस्था में विद्युत दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई उस दुर्घटना से बचा जा सके। जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।




