उत्तर प्रदेश

सीएफएलडी आयल सीड के अंतर्गत सौ किसानों को सरसों के बीज का वितरण

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी, मऊ के सभागार में शुक्रवार को सीएफएलडी आयल सीड के अंतर्गत सरसों के बीज का वितरण किया गया। मुफ्त में उन्नतशील बीज पाकर किसान चहक उठे। 110 किसानों को 100 किलोग्राम बीज का वितरण किया गया।

हरियाणा से विकसित हुई है सरसों की उन्नतशील प्रजाति आरएच-0749…

कृषि विज्ञान केंद्र, पिलखी, मऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ एल.सी. वर्मा ने बताया कि जनपद में तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें सरसों की उन्नतसशील प्रजाति आरएच-0749 चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार, हरियाणा से विकसित की गई है।

अधिक उपज देने वाले किस्म का है बीज…

केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर अंगद प्रसाद ने बताया कि यह अधिक उपज देने वाली किस्म है इसमें प्रति पौधे फली भी अधिक संख्या में तैयार होती है। यह 145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसका बीज बड़ा होता है तथा इसमें 40% तेल निकलता है। इसके पैदावार लगभग 10 से 11 कुंतल प्रति एकड़ है।

खेत की कैसे करें तैयारी…

पौधों सुरक्षा वैज्ञानिक डा. लाल पंकज सिंह ने बताया कि खेत की तैयारी के समय खेत में 120 किलोग्राम नत्रजन, 40 किलोग्राम फास्फोरस तथा 40 किलोग्राम पोटाश की आवश्यकता पड़ती है। फास्फोरस का प्रयोग सिंगल सुपर फास्फेट के रूप में बेहतर होता है। यदि एसएसपी का प्रयोग नहीं किया गया है तो बेहतर उपज के लिए प्रति हेक्टेयर 40 किलोग्राम सल्फर अलग से डाला जाना चाहिए।
मृदा वैज्ञानिक डॉ चंदन सिंह ने बताया कि खेत में बीज डालने से पूर्व मृदा की जांच कराना आवश्यक होता है जिससे मृदा में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की सही जानकारी हो सके और उसे कितनी मात्रा में किस पोषक तत्व को मिलाया जाना है यह पता होना चाहिए।
बीज प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक डॉ हिमांशु राय ने बताया कि बीज बोने से पहले उसका शोधन अवश्य करें। इसके लिए थीरम या बाविस्टिन 2-2.5 ग्राम की मात्रा प्रति किलोग्राम बीज के लिए पर्याप्त होती है।

लाभान्वित होने वाले किसान…

केदार सिंह, नरेंद्र सिंह, जी पी सिंह, रमन प्रजापति, योगेंद्र सिंह, विजय सिंह, राम अवतार सिंह, प्रदीप कुमार, विपिन कुमार, अमरजीत, शिवदत्त, अश्विनी कुमार, राधेश्याम, मोहन प्रसाद, रविशंकर, ओमप्रकाश, शिव मुनि, राम सुमेर राम, संतु राम, भोला प्रसाद एवं मुसाफिर यादव सहित अनेकों रहे।

अपना मऊ चला प्रगति की ओर।।
लाइन में अब करो बोआई।
दूनी उपज तबै होइ पाई।।
खाद साथ सल्फर का, ऐसा कर लो मेल।
सरसो में तब मिलेगा, चालीस प्रतिशत तेल।।
निःशुल्क बीज है बंट रहा, सरसो मध्य किसान।
खाद बीज बोउनी सहित, मिला विषय पर ज्ञान।।

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