खास-मेहमान

थैलेसीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ मालदा से मऊ पंहुचा पदयात्रा, दिल्ली है मंजिल

मऊ। थैलेसीमिया मुक्त भारत संकल्प बनाने का इरादा लेकर बंगाल के मालदा से 600 किलो मीटर का सफर 21 दिनों में तय कर युवाओं की टीम पदयात्रा कर मऊ पंहुची। यह यात्रा दिल्ली के इण्डिया गेट तक पंहुचना है। मन में समाज के दर्द को समेटे थैलेसीमिया के रोक थाम व बचाव तथा भविष्य में होने वाली समस्या के मद्देनजर मालदा ब्लड आर्मी सपोर्टिंग के रांचो आलमगीर खान के नेतृत्व में हिमांशु सिल व नाइफ हसन हाथ में तिरंगा लेकर चल पड़े। जिस मार्ग से और जिस शहर से वे गुजरते लोगों को थैलेसीमिया के बारे में‌ समझाते और बढ़ते रहते। आलमगीर खान ने कहा कि थैलेसीमिया मुक्त भारत की परिकल्पना लेकर हम लोग पदयात्रा पर निकले हैं। लोगों को इसके एक एक पहलू को समझने की आवश्यकता है। सरकार को इस ओर पहल करने की आवश्यकता है। हम अपनी मांगों से सरकार या उनके प्रतिनिधि को अवगत करा कर थैलेसीमिया फ्री भारत की मांग करेंगे। मऊ के अध्यक्ष अजहर कमाल फैजी ने कहा कि थैलेसीमिया का रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता है। विवाह के समय थैलेसीमिया का रजिस्ट्रेशन कराया जाए और जांच उपरांत ही विवाह करने की अनुमति हो। क्योंकि अगर इस ओर पहल किया गया तो होने वाले संतान थैलेसीमिया से मुक्त हो सकते हैं। हम पदयात्रा टीम का स्वागत करते हैं और गौरवान्वित हैं कि ये युवा थैलेसीमिया का दर्द समझ मालदा से दिल्ली जा रहे हैं। आशा है कि सरकार इनके इस जुनून पर विचार करेगी।
रवि खुशवानी ने कहा कि मालदा जो कि बंगाल का एक छोटा सा जिला है, वहां थैलेसीमिया के आठ सौ मरीज हैं, सुनकर काफी आश्चर्य हुआ। भारत में थैलेसीमिया माइनर या कैरियर, का रेट 5% है यानी कि हर 100 में से पांचवा व्यक्ति थैलेसीमिया माइनर है, अगर इनकी आपस में शादी हो जाती है तो इनके बच्चों के थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना हो जाती है। अगर समय रहते सरकार नहीं जागी तो आने वाला भविष्य अच्छा नहीं है। शादी के पूर्व एक छोटी सी जांच (HPLC) हमारे बच्चों को इतनी गंभीर बीमारी से बचा सकती है। जांच मात्र एक हजार में होता है।
पदयात्रा टीम के वुधवार की रात्रि मऊ पंहुचने पर थैलेसीमिया वेलफेयर एसोसिएशन मऊ की टीम ने उनका जोरदार स्वागत किया। टीम ने रात को और वृहस्पतिवार की सुबह मऊ के रौंदा, सदर चौक, संस्कृत पाठशाला, औरंगाबाद, मिर्जाहादीपुरा होते हुए आजमगढ़ के लिए प्रस्थान कर गई।
मऊ में पदयात्रा टीम की स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से खालिद मुस्तफा, हाफ़िज़ शमीम, अयाज़ अहमद, अकरम प्रीमियर, मंज़र मेडिकल, राफे अंसारी, रे आफ ह्युमिनिटी के जमाल अख्तर, उस्मान फारक़लीत, बेलाल अहमद शामिल रहे।

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