छोटी सरयू ड्रेन में निर्मित मोहन घाट पुल का बेड पुन: क्षतिग्रस्त दो वर्ष पूर्व लाखों खर्च कर हुआ था मरम्मत

@ आनन्द कुमार… मऊ।किसी पुल या पुलिया के निर्माण में लाखों करोड़ों रुपए लगते हैं और उस पुल का निर्माण जनता के सुविधा के लिए और क्षेत्र के विकास के लिए किया जाता है। लेकिन लाखों रुपए पुल के निर्माण में लगे होने के बाद अगर उसमें आने वाली छोटी मोटी दिक्कतों को अगर विभाग द्वारा समय पर ठीक न किया जाए और उसमें उसकी वजह से पुल में कोई टेक्निकल खराबी आ जाए तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। छोटी-मोटी कमियां से अगर पुल की स्थिति ज्यादा दिक्कत वाली हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। करोड़ों रुपया लगाकर शासन किसी पुल का निर्माण में जनता का सुविधा के लिए करती है। लेकिन छोटे-मोटे दिक्कतों को दूर करने में अगर विभाग के अधिकारी लापरवाह और बेपरवाह बने रहेंगे तो जनता को होने वाली असुविधा और शासन की होने वाले किरकिरी का आखिर जबावदेह कौन होगा। ऐसा ही एक मामला जनपद के शहरोज गांव के पास छोटी सरयू व तमसा के मिलन स्थल से 250 मीटर पहले छोटी सरयू ड्रेन में निर्मित मोहन घाट पुल की क्षति ग्रस्त बेड का है। जिसका पुन: निर्माण 2 वर्ष पूर्व बाढ़ खंड सिंचाई विभाग आजमगढ़ द्वारा कराया तो गया था, लेकिन दो वर्ष पूर्व हुआ काम ढाक का पात रह गया है। लाखों रूपया खर्च होने के बाद पुल पुनः अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। किन्तु पहली ही बरसात में पुनः बनाई गई बेड टूटने लगी और बाढ़ खंड के अभियंताओं ने कोई कार्रवाई नहीं की। किसान नेता देश प्रकाश राय कहते हैं कि यदि मोहन घाट पुल के बेड की पुनः मरम्मत नहीं कराई गई तो अगली बरसात में कभी भी पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। जिससे शहरोज गांव के स्थित इस पुल से ऐतिहासिक मंदिर बारहदुवरिया मंदिर, नौसेमर, सोड़सर, चकरा, फैजुल्लाहपुर, पारा, बसारतपुर, जहनियापुर, कुर्थीजाफरपुर, एकौना चौबेपुर सहित दर्जनों गांव के लोग प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग बाढ़ खंड आजमगढ़ अपने खंड की मऊ में पड़ने वाली ड्रेनों के प्रति सदैव उदासीन रवैया अख्तियार करता है एवं उसके अभियंता जनता के मांग पर कोई कार्यवाही नहीं करते हैं पिछले पांच वर्षों से खंड के अंतर्गत आने वाली भगनही ड्रेन में राजपुरा व खुखुंदवा में जनता की कठिनाइयों को देखते हुए पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है पर अभियंता, सिंचाई मंत्री, प्रमुख सचिव सिंचाई व प्रमुख अभियंता सिंचाई के को भेजे गए पत्रों पर भी चुप्पी साधे हुए हैं। ये सिंचाई विभाग की भ्रष्ट कार्य शैली को दर्शाता है। किसान नेता व राष्ट्रीय लोक दल के पूर्व प्रदेश महासचिव देव प्रकाश राय ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से मांग किया है की शहरोज गांव में छोटी सरयू नदी के बेड के टूट रहे हिस्से को अविलंब ठीक कराया जाय व भगनही ड्रेन में राजपुरा व खुखुंदवा राय बस्ती व दलित बस्ती के पास पुलिया का निर्माण कराया जाय जिससे जनता की कठिनाइ दूर हो सके। उन्होंने कहा कि यह कार्य शीघ्र कराया जाना चाहिए क्योंकि यह जनहित के साथ साथ होने वाले राजस्व के नुकसान को भी रोकेगा। अधिशाषी अभियंता सिंचाई विभाग बाढ़ खंड आजमगढ़ दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें हिन्दुस्थान समाचार द्वारा पुल के बेड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि बेड खराब होने से पुल पर बहुत कोई विशेष दिक्कत नहीं होता है। लेकिन हिन्दुस्थान द्वारा उन्हें इसकी सूचना प्राप्त हुई है तो इसका मुआयना कराकर जो उचित होगा शीघ्र निस्तारित करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/आनन्द कुमार

