राजीव राय ने कहा आईटी को छापे में मिला मात्र 17 हजार, छापे का राजनैतिक नफा-नुकसान का चर्चा

मऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबियों के यहां इनकम टैक्स के पड़े छापे में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय के मऊ स्थित आवास में 17 हजार नगदी व कुछ कागजात के अलावा हाथ नहीं लगा। शनिवार की सुबह आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी देर रात लगभग 16 घंटे तक चलती रही। इन्कम टैक्स की टीम उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद स्थित उनके अस्थाई निवास से प्रिंटर व अन्य कुछ आवश्यक कागजात लेकर बाहर निकली। अधिकारियों से जब पत्रकारों ने इस छापे के संदर्भ में जानना चाहा तो वे कुछ भी बात करने से मना कर दिये। वही सपा नेता राजीव राय ने बताया कि आईटी टीम को उनके पास से ₹17000 नगद व कुछ कागजात मिल सके हैं। जिसके लिए उन्होंने आईटी विभाग को धन्यवाद भी दिया। राजीव राय ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर राजनीतिक विरोध के चलते यह छापेमारी की कारवाई की गई है। उन्होंने बताया कि यह कारवाई उनके बैंगलोर स्थित आवास के साथ ही कई रिश्तेदारों के यहां भी चल रही थी। इसके साथ ही उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहाकि “जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारा करते।”
अब चूकि आईटी के अफसर उनके आवास से जा चुके हैं और इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी बयान देकर इस मामले को भाजपा का हताशा व निराशा बताया तथा यही एक काम भाजपा के पास शेष बचा था कह कर भाजपा पर आरोप लगाया है। उधर सपा नेता राजीव राय के आवास पर छापेमारी के बाद उनके प्रशंसकों व शुभचिंतकों ने उनके प्रति पूरी सहानुभूति जताई है। आयकर विभाग के इस कारवाई के बाद राजनीति के गलियारे में पक्ष विपक्ष में इसके नफे और नुकसान का लोग आकलन करना शुरू कर दिए हैं।

