जलस-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन

मऊ। मुहम्मदाबाद गोहना कस्बे के मोहल्ला रसूलपुर में स्थित अशरफिया लाइब्रेरी के तत्वावधान में बीती रात एक जलस-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया।जिसमें स्थानीय एवं बाहरी उलेमाओं ने शिरकत की। जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना हसनैन रज़ा मंजरी ने कहा कि अन्तिम नबी मुहम्मद साहब का जन्म पुरी मानवता के लिए ईश्वर की महान कृपा है ताकि संपूर्ण जगत को सत्य मार्ग मिल सके, ईश्वर व बन्दे का सम्बन्ध मजबूत हो, इसलिए मीलादु उन्नबी के उद्देश्य को समझने की जरूरत है और अमल करने की भी जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि पहले हम स्वयं को सुधारें तथा पवित्र क़ुरान की शिक्षा अनुसार जिन्दगी गुजारें। मौलाना अहमद रजा ने जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि हर माता-पिता को यह चाहिए कि अपने बच्चों का अच्छे से पालन पोषण करें ताकि बड़े होकर इस बात का एहसास रहे कि हम मुसलमान हैं। हमें ईश्वर की भक्ति करनी है और अपने छोटे बड़ों का आदर और सम्मान करना है। इस्लाम धर्म के अंतिम नबी मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम की यही शिक्षा है।
ज्ञात रहे कि अंतिम नबी की हर शिक्षा पूरी मानव जाति के लिए लाभान्वित है जिस पर अमल करके संपूर्ण जगत के मानव जाति दुनिया एवं आखिरत में सफलता हो सकती है। आज समाज में पनपती हुई सभी कुरीतियों को नबी की दी हुई शिक्षा से ही समाप्त किया जा सकता है जिसकी आज अति आवश्यकता है। यही महफि-ए-मिलादउन्नबी का उद्देश्य है।
उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना अमजद अली कादरी ने की एवं संचालन मौलाना कैसर आज़मी ने की।
इस अवसर पर मौलाना मसीह उल्लाह, मौलाना मोहम्मद मुर्तजा, मौलाना काशिफ रजा, मौलाना जुबेरउल कादरी, हाजी वहीदुल हक, हाफिज रिजवान, खालिद कमाल अंसारी, जावेद अख्तर भारती, हुसैन अहमद, खुर्शीद कमाल, हाफिज कफील अहमद, मौलाना अखलाक अहमद, नौशाद अहमद, खुर्शीद अहमद पप्पू, शाहिद रजा, मोहम्मद वासिल, मोहम्मद मजहर, अफसरअली, मास्टर ताशफीन, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद कैफ, हाफिज नुरुल हसन एवं आसपास के सभी सभ्रांत लोग उपस्थित रहे।
