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“बाबा” का प्रयास लाया रंग मऊ जंक्शन के मुख्य द्वार के बाद प्लेटफार्म पर लगा “वनदेवी धाम” की सूचना पट्टीका

मऊ जंक्शन के 03 व 04 नं. प्लेटफ़ॉर्म के मध्य मऊ जनपद की ऐतिहासिक धर्मस्थली मां वनदेवी धाम का सूचना पट्टिका का लगाया गया है। इस पट्टिका को लगने पर निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष व रेलवे बोर्ड के एनारयूसीसी के सदस्य सतीश मिश्र बाबा वाराणसी मंडल के DRM वी.के. पंजियार को हृदय के अंतःस्थल से आभार व्यक्त करते हुए बधाई दिया है। श्री बाबा ने कहा श्री पंजीयार
NE RLY के वाराणसी मंडल में सज्जनता की प्रतिमूर्ति हैं। वे सरल हृदयी सभी अधिकारियों / कर्मचारियों के प्रति ईमानदार रेल अधिकारी के रूप में विशेष ख्याति रखते हैं। उन्होंने कहा कि श्री पंजीयार ने 11 जून 2021 को दिए गये उनके पत्र को गंभीरता से लेते हुए मऊ के ऐतिहासिक धरोहर की ऐतिहासिकता व महत्व को मऊ जंक्शन के माध्यम से जनता को जो संदेश देने का कार्य किया है उसका मऊ की जनता व निर्भया सेना रेलवे विभाग का सदैव ऋणी रहेगा। श्री बाबा ने निर्भया सेना की तरफ से की गई मांग को पूर्ण करने हेतु रेलवे विभाग को बहुत – बहुत आभार जताया है। श्री बाबा ने कहा कि मऊ जंक्शन के मुख्य द्वार पर पहले ही उनके प्रयास से रेलवे द्वारा वनदेवी धाम का सूचना पट्ट लगाया गया है।

श्री बाबा ने कहा कि मऊ जंक्शन पर लगा माँ सीता की आश्रयस्थली का भान कराती यह सूचना पट्टिका स्वयं प्रत्यक्ष उदाहरण प्रस्तुत करती है।
जिस मर्यादा पुरूषोत्तम राम का नाम चराचर जगत में आदर एवं सम्मान के साथ लिया जाता है उनकी धर्मपत्नी सीता के आश्रय स्थल मऊ शहर के वनदेवी धाम के प्रति अनभिज्ञता बड़ी ही खिन्नता एवं दुःख पैदा करती थी।
जिस स्थल पर लव-कुश का पालन पोषण हुआ , शिक्षा – दीक्षा हुई । तुलसीदास भी लिखते हैं कि –
दुइ सुत सुन्दर सीता जाए
लव कुस वेद पुरानन्ह गाए

DRM वाराणसी को 11 जून 2021 को ज्ञापन देते सतीश मिश्र बाबा ( फाइल फोटो )

उस स्थल के प्रति लोगों की जानकारी बढ़ाने में आपका यह कार्य निश्चित ही आपको राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करेगा। कहा कि DRM पंजियार सहित वाराणसी मंडल के सभी अधिकारियों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि आपके द्वारा इस विशेष कार्य के पूर्ण करने से वाराणसी मंडल की प्रगति में मुझ सहित निर्भया सेना का दमदार, शानदार समर्थन आप सभी को प्राप्त होगा ।
निःसंदेह श्री पंजियार जी से मेरी भी एक मुलाकात है जिसमें आपकी सौम्यता एवं विराट व्यक्तित्व ने मुझे आपके व्यक्तित्व का कायल बना दिया है ।
आपकी प्रशंसा करना मैं धृष्टता ही समझूंगा क्योंकि आपके बारे में रेल जगत के साथ- साथ राष्ट्रीय नेतृत्व भी समर्पण एवं सम्मान का भाव रखता है।

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