जेल में बंद सांसद जी को जेल में बंद विधायक जी से जान को खतरा, परिजनों ने लगाई गुहार

मेरे बेटे की जान की हिफाजत करे सरकार’ : भरत सिंह
घोसी लोकसभा से बसपा के सांसद अतुल राय के परिजन एक-एक करके अब आगे आते जा रहे हैं और सांसद की रिहाई में हो रही देरी पर दुख प्रकट कर पुलिस प्रशासन स्तर से सीओ और एसपी सिटी की जाँच में निर्दोष पाये जाने के बाद भी आज आठ महीने से ज़्यादा का समय हो जाने के बाद अब तक इस मामले में सी॰पी॰ महोदय के द्वारा आदेश निर्गत क्यों नहीं किया जा रहा? पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ दिनों पहले पत्नी प्रियंका सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी बात कहकर पीएम और सीएम से गुहार लगाई थी। आज सांसद के पिता, बहन व भाई ने अपना दर्द बयां किया। लोगों का कहना कि घोसी लोकसभा के सांसद अतुल राय को जान को सबसे बड़े माफिया मोख्तार अंसारी के गुर्गों से खतरा है। शासन प्रशासन अतुल राय को कड़ी सुरक्षा दे, साथ ही उनपर चल रहे दुष्कर्म के मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराए। बता दें कि दो दिन पहले ही सांसद अतुल राय की पत्नी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके अपने पति की रिहाई के लिये योगी सरकार से मांग की थी।


परिजनों का दो टूक कहना है कि सीओ और एसपी सिटी की जाँच में 173/7 की संस्तुति किये जाने के बाद भी आज 8 महीने से ज़्यादा का समय हो गया आख़िर अब तक इस मामले में पुलिस कमिश्नर महोदय के द्वारा आदेश निर्गत नही किया जा रहा।
‘अतुल राय को मोख्तार से है जान का खतरा‘…
सांसद अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव ने बताया कि उनके मुवक्किल को मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी से जान का खतरा है तथा इस बात की पुष्टि एलआईयू ने भी की है। बावजूद इसके प्रदेश सरकार ने घोसी सांसद को अजतक कोई सुरक्षा प्रदान नहीं की है। सांसद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ एवं एमपी एमलए कोर्ट में भी प्रार्थनापत्र देकर अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगायी थी, ऐसे में उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान किया जाना आवश्यक है।

सांसद अतुल राय के अधिवक्ता ने कहा कि मोख्तार अंसारी के एक शूटर के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से घोसी सांसद अतुल राय को फंसाने के लिये उनके खिलाफ दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा कराया गया है। इस प्रकरण में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसकी जांच फॉरेंसिक लैब से कराने पर उसे सही पाया गया तथा पूरे प्रकरण की सीओ और वाराणसी के तत्कालीन एसपी सिटी के द्वारा करायी गयी थी, जिसमें ये कहा गया था कि इस पूरे प्रकरण की दोबारा से जांच करायी जानी चाहिए। बावजूद इसके लंका थाने की ओर से ना जाने किस दबाव के कारण पुनर्जांच के लिये न्यायालय में अभी तक प्रार्थनापत्र नहीं दिया गया है।

‘मेरे बेटे की जान की हिफाजत करे सरकार’ : भरत सिंह
वहीं घोसी सांसद के पिता भरत सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते मेरे पुत्र को प्रदेश सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं एक वरिष्ठ नागरिक हूं एवं कैंसर रोग से पीड़ित हूं। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग करता हूं कि मेरे पुत्र के जान के खतरे को दूखते हुए उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया की जाए।

सांसद अतुल राय की बहन नम्रता राय ने भी की रिहाई की मांग…
सांसद अतुल राय की बहन श्रीमती नम्रता राय
ने कहा कि मै भी एक महिला हूँ और एक महिला की इज़्ज़त बखूबी समझती हूँ, आज समाज में हो रहे महिलाओं के साथ अत्याचार को भी मै मानती हूँ लेकिन अगर १०० में से एक महिला भी अगर ग़लत और जालसाज़ हो और षड्यंत्र के तहत सुनियोजित साज़िश के साथ किसी इंसान पर मिथ्या आरोप लगाती हो तो हम महिलाओं को आगे आ कर उसका पर्दाफ़ाश करना चाहिये अभी २ दिन पहले का उदाहरण आप सभी के समुख है – टी सिरीज़ कम्पनी के मालिक भूषण कुमार पर एक जालसाज़ महिला और उसके मित्र के द्वारा रेप का आरोप लगाया गया लेकिन भूषण कुमार के चाचा ने उन सबकी रिकॉर्डिंग रखी थी जिसमें मुंबई police ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उस महिला के ख़िलाफ़ भी FIR दर्ज की । हमारे भाई सांसद अतुल राय के मामले में तो FSL प्रमाणित रेकॉर्डिंग के साथ साथ पैसे के लेन देन की account ट्रैंज़ैक्शन सभी कुछ साक्ष्य के आधार पर अग्रिम विवेचना की कार्यवाही के लिए एसपी और सीओ ने संस्तुति की है लेकिन हमारे साथ यह अन्याय क्यों सरकार के द्वारा हो रहा है ? लड़की और इसके पुरूष मित्र के ख़िलाफ़ वाराणसी के कैंट थाने से जालसाजी ,हनी ट्रैप ,कूट रचित अभिलेखों और अन्य गम्भीर धाराओं में ५ महीने पहले मुक़दमा दर्ज हुआ लेकिन और police को अभिलेखिय साक्ष्य भी उपलब्ध कराये गये लेकिन उसके बाद भी आज तक ना तो चार्ज शीट फ़ाइल की गयी , ना ही कोर्ट से उनका वॉरंट कराया गया और ना ही कोई गिरफ़्तारी का प्रयास किया गया ।


